बाराबंकी। नेपाल से लगातार छोड़ा जा रहा पानी जिले के तराई इलाके में कहर बरपा रहा है। उफनाई सरयू का पानी तीन तहसीलों के सवा सौ गांवों में भर गया है। इन गांवों की करीब 80 हजार की आबादी बेघर हो गई है। कई मार्गों पर पानी भर जाने की वजह से बाढ़ पीड़ितों को निकलने में परेशानी हो रही है। प्रशासन की ओर से पर्याप्त नाव मुहैया न कराए जाने की वजह से भी बाढ़ पीड़ितों बढ़ रही हैं।
तराई क्षेत्र के स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। नदी का पानी खतरे के निशान से एक मीटर आठ सेंमी. ऊपर पहंच गया है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गांवों में पानी भर जाने की वजह से सैकड़ों लोग हेतमापुर और अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर परिवारीजनों और मवेशियों के साथ शरण लिए हुए हैं। प्रशासनिक अमला सिर्फ राहत सामग्री वितरण में व्यस्त है। बाढ़ पीड़ितों कई परेशानियों से घिरे हैं। उनके खाने के साथ मवेशियों के लिए चारा जुटाना मुश्किल हो रहा है। पर्याप्त नावें न मिल पाने की वजह से कई गांवों के लोग पानी के बीच से निकल नहीं पा रहे हैं। ऐसे बहुत से लोगों ने छतों पर आशियाना बना रखा है।