बाराबंकी। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान तेज हो गई है। 24 घंटे के दौरान तराई क्षेत्र में 20 बीघा गन्ने की फसल नदी की धारा में समा चुकी है। इससे किसानों की नींद उड़ गई है। जलस्तर बढ़ने के साथ तराई के लोग फिर से सुरक्षित स्थानों को जाने लगे हैं।
एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार नदी का पानी खतरे के निशान से अभी 10 सेमी. नीचे है लेकिन जिस रफ्तार से पानी बढ़ रहा है उससे जल्द ही निशान को पार करने की आशंका बनी है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही भैरवकोल और सरायं सुरजन के निकट कटान तेज हो गई है। कटान की चपेट में आने से 20 बीघा गन्ने की फसल नदी में समा चुकी है। खेेतों में खड़ी अन्य फसल के समाने का खतरा बना है। इससे किसानों की नींद उड़ गई है। राज बहादुर, विनोद, रामलखन, सुरेश, राजिंदर, धर्मराज, फूलचंद, चंद्रमोहन आदि ने बताया कि खेती की जमीन नदी में समा चुकी है। बाढ़ खंड के अधिकारी कटान रोकने को लेकर गंभीर नहीं हैं। जो कार्य कराया गया, उसका कोई लाभ तराई के लोगों को नहीं मिल सका है। स्पर निर्माण का काम अधूरा पड़ा है। इससे बाढ़ का पानी गांवों के किनारे भरा है। उधर एडीएम संदीप गुप्ता का कहना है कि सरयू का पानी फिर से बढ़ रहा है। फसल नदी की धारा में समाने की जांच कराई जाएगी। एसडीएम को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। राजस्व कर्मियों को बाढ़ पीड़ितों पर नजर रखने के लिए निर्देशित किया गया है।