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उफनाई सरयू, गांवों में घुसा पानी

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बाराबंकी। नेपाल से पानी छोड़े जाने के चलते उफनाई सरयू नदी कई गांवों के लोगों के लिए मुसीबत बन गई हैं। सरयू का पानी एक दर्जन गांवों में घुस गया है। 40 गावों के किनारे पहुंचने से तराई के लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। नदी का जलस्तर एक सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इससे सरयू की धारा खतरे के निशान से 45 सेमी. ऊपर पहुंच गई। हालात को देखते हुए एसडीएम सिरौलीगौसपुर कई गांवों को जायजा लिया। कहारनपुरवा गांव के लोगों को बंधे पर पहुंचाया गया। राजस्व कर्मियों को बाढ़ प्रभावित इलाके पर नजर रखने के आदेश दिए हैं।
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एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार सरयू का पानी मंगलवार को खतरे के निशान से 45 सेमी. ऊपर पहुंच गया। कोटवाधाम इलाके के सनावा, कहारनपुरवा, बधौलीपुरवा, सरायं सुरजन, टपेरा, कोठीडीहा, सिरौलीगुंग, भैरवकोल, परसा, तेलवारी, इटहुआ व भयकपुरवा गांवों में पानी पहुंच जाने से यहां लोगों ने सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन शुरु कर दिया है। गांवों के रास्ते पानी में डूब जाने से ग्रामीण ट्रैक्टर और नावों से बंधे पर पहुंच रहे हैं। उधर सूरतगंज क्षेत्र के कोरियनपुरवा, तपेसिपाह, सिसौंडा, मल्लाहनपुरवा, लहडरा, दुर्गापुर, नामेपुर सिरौली, हेतमापुर, कंचनापुर समेत करीब 40 गांवों के निकट पानी पहुंच गया है। इससे तराई के लोगों में दहशत का माहौल है। पीड़ितों का कहना है कि बाढ़ में करीब दौ सौ बीघा मेंथा की फसल डूब गई है। गन्ने के खेतों में पानी भर गया है।
इन हालात की जानकारी मिलने पर सिरौलीगौसपुर के एसडीएम प्रतिपाल सिंह ने ट्रैक्टर पर बैठकर बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान पानी से घिर गांवों के निवासियों को नावों के माध्यम से सुरिक्षत स्थानों और बंधे पर पहुंचाने का काम शुरू कराया है। बाढ़ पीड़ित 28 लोगों का तिरपाल उपलब्ध कराया गया। उधर सीएचसी अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बाढ़ प्रभावित गांवों में 128 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं वितरित की है। उधर स्पर (बांध) निर्माण का काम बाढ़ के चलते ठप हो गया है। अब तक कराए गए कार्य पर बाढ़ ने पानी फेर दिया है।
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