बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार शुक्ला ने गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में पिता-पुत्रों समेत चार अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष की कठोर कैद व छह-छह हजार रुपये जुर्माना भुगतने की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित अवस्थी व रमाकांत द्विवेदी ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र रुदौली के ग्राम मैदीपुर मजरे जलीलपुर निवासी सियाराम के परिवार के शंभू शरण व उनके परिजन 21 अप्रैल 2008 को सुबह खेत में गुड़ाई कर रहे थे। तभी बगल खेत के नेवाज, महेश व सुहेल पुत्र बच्चूलाल तथा कमलेश व विमल पुत्र रामनेवाज राजेश के चलते लाठी-डंडा व फरसा लेकर आ गए।
आरोपियों ने शंभूशरण, रामनरेश उर्मिला व सुनीता को मारापीटा, जिससे सभी को गंभीर चोटें आई। घटना की रिपोर्ट सियाराम ने कोतवाली रुदौली में सभी के विरुद्ध दर्ज कराई थी। चोटिलों समेत गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने नेवाज, महेश, कमलेश व विमल को गैर इरादतन हत्या के प्रयास में दोषी पाते हुए सजा सुनाई। वहीं सुहेल की सुनवाई के बीच में ही मौत हो गई थी।