बाराबंकी। एएनटीएफ व हैदरगढ़ पुलिस ने शनिवार की रात हैदरगढ़ के त्रिफुला नहर के पास घेराबंदी कर पांच तस्करों को दबोचते हुए करीब दो किलो मार्फीन बरामद की। इसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने मार्फीन की खेप रायबरेली ले जाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है। छानबीन में कई और नाम सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस लाइन में संचालित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स थाने को शनिवार शाम सूचना मिली कि हैदरगढ़ में कुछ लोग मार्फीन की खरीद-फरोख्त कर रहे है। एएनटीएफ के इंस्पेक्टर अमनुद्दीन के अनुसार इसे लेकर हैदरगढ़ पुलिस को जानकारी दी गई। रात करीब साढ़े 11 बजे एएनटीएफ व हैदरगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम त्रिफुला नहर के पास पहुंची। यहां एक चार पहिया व एक बाइक के पास पांच लोग मौजूद थे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पांचों को दबोच लिया।
पकड़े गए लोगों में हैदरगढ़ के कुरैशी टोला निवासी तीन सगे भाई नईम, कलीम, अलीम, रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के गाजीपुर गांव निवासी रजनीश दीक्षित व हैदरगढ़ के भटखेरा वार्ड निवासी अशोक कुमार सिंह शामिल हैं। इनमें नईम व अशोक के पास से दो पन्नियों में पैक 1920 ग्राम व 1000 ग्राम मार्फीन बरामद हुई। मौके से बरामद कार अशोक की तो बाइक नईम की ही है। सूचना पाकर मौके पर पहुंच कर एएनटीएफ के सीओ ऑपरेशन राजवीर सिंह ने रात में आरोपियों से पूछताछ की। पांचों आरोपियों ने बताया कि वह मार्फीन की तस्करी करते हैं। यह मार्फीन रायबरेली में किसी को देनी थी। हैदरगढ़ कोतवाल अजय त्रिपाठी ने बताया कि इन पांचों से पूछताछ के आधार पर और नाम सामने आने की उम्मीद है।
तो रामसनेहीघाट के शुक्ला से खरीदते थे मार्फीन
पुलिस की गिरफ्त में आए तीन भाइयों समेत पांचों तस्कर भारी मात्रा में मार्फीन किससे खरीदते थे, इसे लेकर भी कुछ सुराग मिले है। एएनटीएफ थाने के प्रभारी निरीक्षक अमनुद्दीन ने बताया कि पूछताछ में पांचों से यह जानकारी मिली कि ये लोग रामसनेहीघाट इलाके के किसी शुक्ला से मार्फीन खरीदते थे। शुक्ला कोड नेम भी हो सकता है। इन लोगों ने बताया कि शुक्ला से कभी आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई। फिलहाल, इस खुलासे के बाद रामसनेहीघाट में बड़े पैमाने पर मार्फीन की तस्करी का पर्दाफाश हुआ है।