बाराबंकी। कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर बुधवार के शहर के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर और क्रिकेटर के पिता समेत पांच लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस तरह से कोरोना से अब तक जिले में 152 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं देरशाम आई जांच रिपोर्ट के अनुसार जिले में 200 और पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से ज्यादातर को होम आइसोलेशन में रखा गया है। जिले में कोरोना का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम संक्रमण पर काबू पाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है।
शहर के मोहल्ला कटरा निवासी प्रतिष्ठित समाजसेवी एक चिकित्सक की बुधवार को कोरोना से लखनऊ के निजी अस्पताल में मौत हो गई। परिवारीजनों के अनुसार, हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में करीब एक सप्ताह पूर्व भर्ती कराया गया था जहां पर इलाज के दौरान मौत हो गई। कोरोना से शहर के अब तक दो प्रमुख चिकित्सकों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा कोठी थाना क्षेत्र के बलकपुरवा निवासी और भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज के पिता की लखनऊ के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।
परिवारीजनों के अनुसार, हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं हैदरगढ़ के दनापुर निवासी एक व्यक्ति की मेयो अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिवारीजनों ने बताया कि हालत गंभीर होने पर चार दिन पूर्व अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं सूरतगंज के टेढवा निवासी एक अधेड़ की मौत भी उपचार के दौरान मेयो अस्पताल में हो गई। हरख क्षेत्र के खाले का पुरवा निवासी एक महिला की लखनऊ के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
कोरोना ले चुका है कई चिकित्सकों की जान
कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर अब तक कई चिकित्सकों की जान जा चुकी है। शहर के दो प्रमुख चिकित्सक, जिला अस्पताल में तैनात एक चिकित्सक और हैदरगढ़ क्षेत्र में कार्यरत दो चिकित्सकों की कोरोना से मौत के बाद चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों में दहशत का माहौल है। इसके बावजूद कई चिकित्सक अपनी जान को जोखिम में डाल मरीजों की सेवा में लगे हुए हैं।
इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
लखनऊ के उजरियांव निवासी मो. शरीफ ने एसपी को दिए गए शिकायती पत्र में मेयो अस्पताल प्रशासन पर पत्नी के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने एसपी को दिए गए पत्र में लिखा है कि पत्नी उपचार के लिए तड़पती रही और अस्पताल प्रशासन पैसा जमा कराने की जिद पर अड़ा रहा। आरोप है कि पैसा जमा करने के बाद भी न तो उसे ऑक्सीजन दी गई और न ही दवाएं जिससे उसकी पत्नी की मौत हो गई।
जिले में एक चिकित्सक समेत पांच लोगों के मौत की सूचना मिली है। संबंधित क्षेत्र के चिकित्सकों को इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं देरशाम आई जांच रिपोर्ट में जितने लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं उनमें से ज्यादातर को होम आइसोलेशन में रखा गया है और चिकित्सकों की टीम को इन पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोगों से बार-बार अपील की जा रही है कि वह अपने घरों में रहे और सुरक्षित रहें तथा जो पात्र है वह वैक्सीन जरूर लगवाएं।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ