बाराबंकी। महिला अपराधों से जुड़े केसाें में जल्द न्याय दिलाने व अभियुक्तों को दो साल के अंदर सजा दिलाने के लिए अभियोजन विभाग ने पहल की है। सालों से लंबित मामलों के निस्तारण के लिए हर कोर्ट से पांच केस चिह्नित किए जा रहे हैं। जिसमें सामूहिक दुष्कर्म, दुष्कर्म और क्रूरता से जुड़े गंभीर अपराधों को शामिल किया गया है। इनकी रोज समीक्षा करके दो साल में सजा दिलाने का लक्ष्य है। इसे लेकर अपर निदेशक अभियोजन सत्यव्रत त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को बाराबंकी में सघन समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि तीसरी पेशी पर हर हाल में अभियुक्त को अदालत में पेश कराया जाएगा। बिना उसकी मौजूदगी ट्रायल आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने बताया कि संयुक्त निदेशक अभियोजन नागेश दीक्षित द्वारा चिह्नित मामलों की फाइलों से गवाहों की सूची तैयार की जा रही है। इन पर फोकस करते हुए उनकी सुरक्षा और पेशी सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की जाएगी। 21 अक्तूबर के बाद इन मामलों की फिर समीक्षा होगी।