बाराबंकी। उर्वरकों की कालाबाजारी को लेकर शासन सख्त हो गया है। वितरण पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उर्वरक के साथ किसी प्रकार का टैग देने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, जमाखोरी पर रोक लगाने के उद्देश्य से एक हेक्टेयर पर पांच बोरी डीएपी और सात बोरी यूरिया दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने बताया कि उर्वरक की बिक्री फार्मर रजिस्ट्री और भूमि अभिलेख के अनुसार ही होगी। विक्रय केंद्रों पर बिक्री पंजिका में कृषक का नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, पता, फार्मर रजिस्ट्री संख्या, फसल और जोत का विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज कर हस्ताक्षर करना होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसान को निर्धारित सीमा से अधिक उर्वरक न मिले। इससे जमाखोरी पर रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि अनुदानित उर्वरकों के साथ जिंक, सल्फर, माइक्रो, जैविक जैसे गैर-अनुदानित उत्पादों की जबरन आपूर्ति या टैगिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यदि किसी बिक्री केंद्र या गोदाम में ऐसे उत्पाद पाए गए तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।