बाराबंकी।
प्रदेश स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में इस बार 30 जिलों की टीमें मैदान में नहीं उतरीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार एवं प्रदेश तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष अवनीश कुमार अवस्थी ने इसे गंभीरता से लिया है। संबंधित जिलों के तीरंदाजी संघों से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। चेताया है कि जहां संगठन सक्रिय नहीं है, वहां नई टीम बनाई जाएगी।
प्रतियोगिता बाराबंकी में सात से नौ नवंबर तक चल रही है। पहले दिन अवनीश कुमार अवस्थी जायजा लेने पहुंचे, तो 30 जिलों की टीमें अनुपस्थित रहीं। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जिलों के पदाधिकारियों से फोन पर बात कर उनके जवाब दर्ज करें।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं धनुर्विद्या जैसे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए गंभीर हैं। तीरंदाजी हमारी सांस्कृतिक पहचान है। ऐसे में 30 जिलों की अनुपस्थिति अस्वीकार्य है। ऐसे में सभी जिलों में तीरंदाजी एसोसिएशन की समीक्षा बैठकें हों और निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाएं।
सूत्रों के मुताबिक संघ अब जांच के साथ पुनर्गठन की तैयारी में है। ऐसे में जहां खेल संगठन कागजों तक सीमित हैं, वहां पूरी कमेटी बदलने का आदेश होगा। अधिकारी खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अब एक जिला-एक टीम नीति पर भी विचार कर रहे हैं। इस कारण खेल विभाग भी सक्रिय हो गया है।
इन जिलों ने नहीं किया प्रतिभाग
संयुक्त सचिव योगेंद्र सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में सीतापुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, संत रविदास नगर, हरदोई, कन्नौज, कौशांबी, कुशीनगर, बस्ती, बलरामपुर, बदायूं, औरैया, अंबेडकरनगर, मैनपुरी, महोबा, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रायबरेली, रामपुर, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर समेत 30 जिलों की टीमों ने हिस्सा नहीं लिया। राणा ने कहा कि जिन जिलों में पदाधिकारी सक्रिय नहीं हैं। खिलाड़ियों की तैयारी भी नहीं कराई गई। अब सभी की जवाबदेही तय होगी। तीरंदाजी संघ निष्क्रिय लोगों के सहारे नहीं छोड़ा जा सकता। (संवाद)