बाराबंकी। बारिश के बाद जिले में बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। डेंगू से लेकर बुखार और अन्य रोगों के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे में अस्पताल की अव्यवस्थाएं मरीजों की परेशानी बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। उपचार और व्यवस्थाओं पर ध्यान देने की बजाय स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी व चिकित्सक बुखार और डेंगू के मरीजों के आंकड़े छिपाने में व्यस्त हैं। जबकि जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने से स्ट्रेचर पर इलाज करने की नौबत तक आ गई है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार को इलाज कराने आए मरीजों को बेड की बजाय स्ट्रेचर पर लिटाकर दवाएं दी गईं। वहीं कुछ मरीजों को गंभीर बताकर रेफर भी किया गया। अस्पताल आए शहर के लखपेड़ाबाग निवासी आशीष ने बताया कि पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें सास लेने में परेशानी हो रही है और बुखार भी है। यहां पहुंचने पर डॉक्टर की बजाय एक अन्य कर्मचारी ने उन्हें देखकर स्ट्रेचर पर दवा देना शुरू कर दिया।
सफदरगंज के नसीर सिद्दीकी ने बताया कि चाचा काे कई दिनों से बुखार है, इलाज कराने आए हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। स्ट्रेचर पर लिटाकर इलाज के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। इमरजेंसी में बुखार, पेट दर्द, सांस, हड्डी आदि के मरीजों की वजह से अधिकांश बेड फुल हैं। इस संबंध में सीएमएस डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि मरीज की हालत को देखते हुए इलाज शुरू कर दिया जाता है। बाद में जरूरत पड़ने पर वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है।
डेंगू के दो मरीज किए रेफर
बाराबंकी। जिले में डेंगू के मरीज प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। लोगों में इसको लेकर दहशत है। अब तक चार लोगों की मौत भी डेंगू से हो चुकी है। वहीं जिला अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों तक मरीजों की भरमार है। डेंगू के कारण करीब 50 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। इसके अलावा बुखार और प्लेटलेट्स की कमी वाले मरीज भी काफी संख्या में मिल रहे हैं। लेकिन इन सबके बावजूद भी स्वास्थ्य महकमा इलाज के नाम पर खानापूर्ति करता नजर आ रहा है। शनिवार को एलाइजा जांच में डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद रविवार को अनोखी (12) और अजय (26) को रेफर कर दिया गया। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि परिजनों की सहमति पर मरीज रेफर किए गए हैं।