बाराबंकी। गदिया चौकी क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन राजू गुप्ता गुट की महिला किसान नेता सुनीता (40) की ईंट से कूंचकर हत्या कर दी गई। सुनीता का शव तिंदोला नहर के निकट खाली प्लॉट में पड़ा मिला। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने महिला से मिलने जुलने वाले तीन संदिग्ध लोगों को चिह्नित किया है जो मोबाइल बंद करके गायब हैं।
असंद्रा के अशरफपुर गांव निवासी गंगाराम की पत्नी सुनीता पिछले पांच-छह वर्षों से पति से अलग रहकर लखनऊ सीमा से सटे रेंदुआ पल्हरी में किराये के मकान में रहती थीं। वह भारतीय किसान यूनियन (अवध राजू गुट) की महिला जिलाध्यक्ष थीं और क्षेत्र में होने वाले धरना-प्रदर्शनों में सक्रिय रहती थीं। सोमवार सुबह रेंदुआ पल्हरी से करीब चार किमी दूर मौके तिंदोला नहर के निकट प्लॉट में सुनीता का शव पड़ा मिला। पुलिस ने पाया कि सुनीता के सिर को ईंट से कूंचकर हत्या की गई है। पास में खून से सनी ईंट भी बरामद हुईं। पुलिस ने उनके किराये के कमरे से मोबाइल फोन बरामद किया है।
पड़ोसियों ने बताया कि रविवार शाम को दो-तीन लोग सुनीता के घर आए थे, जिनके साथ वह बाहर निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। कॉल डिटेल खंगालने पर तीन संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनसे आखिरी बार बातचीत हुई थी। पुलिस जब उनकी तलाश में पहुंची तो तीनों के मोबाइल बंद मिले। सीओ सिटी संगम ने बताया कि सुनीता के चार बच्चे हैं जो फिलहाल पति के संरक्षण में हैं। पति गंगाराम इस समय ऋषिकेश में बच्चों के साथ कोई काम काज करते हैं। उन्हें बाराबंकी बुलाया गया है।
तीन साल पहले दर्ज कराई था सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट
वर्ष 2022 में सुनीता ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर दो लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट शहर कोतवाली में दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान पुलिस को आरोपों की पुष्टि नहीं होने पर फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी।
तथाकथित भतीजे की तलाश जारी
पुलिस की पूछताछ में स्थानीय लोगों ने बताया कि एक व्यक्ति, जिसे सुनीता अपना भतीजा बताया करती थी, का उसके घर पर अक्सर आना-जाना था। वह कई बार रात में भी वहीं रुकता था। पुलिस अब इसी तथाकथित भतीजे की पहचान और भूमिका को लेकर गंभीरता से जांच कर रही है।