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साथी की मौत से नाराज श्रमिकों का प्रदर्शन

Sun, 06 Dec 2015 10:06 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
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शहर स्थित एक इंडस्ट्रीज में कार्य करने वाले कर्मचारी की पांच दिन पूर्व साथ में ही कार्य करने वाले कर्मचारी ने पिटाई कर दी थी जिसकी उपचार के दौरान रविवार को लखनऊ में मौत हो गई। इससे नाराज साथी मजदूरों ने फैक्ट्री गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया। मृतक के परिवारीजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन व आरोपी फैक्ट्री सुपरवाइजर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने व परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की मांग कर रहे थे। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच पड़ताल कर कार्रवाई की बात कही है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र में हैदरगढ़ मार्ग स्थित गोविंद इंडस्ट्रीज में काम करने वाले मजदूर तेज नारायन विश्वकर्मा (45) निवासी ग्राम मुड़ेरी कोतवाली फतेहपुर बीते 15 साल से गोविंद फैक्ट्री में काम करता था। 2 दिसंबर को फैक्ट्री में काम कर रहा था। इसी दौरान यहां पर सुपरवाइजर सरदार ने तेज नारायन से जल्दी-जल्दी काम करने को कहा। उसने जब कहा कि वह जितना हो सकता है काम कर रहा है तो इस बात पर फैक्ट्री सुपरवाइजर ने उसे लात मार दिया जिससे तेज नारायन का सर दीवाल से टकरा गया। इसके बाद तेज नारायन बेहोश हो गया था। परिवारीजनों व साथी श्रमिकों ने तेज नारायन को एक निजी अस्पताल पहुंचाया दो दिन तक वहां इलाज के बाद जब श्रमिक की हालत बिगड़ी तो उसे लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया था।

इस बीच रविवार सुबह श्रमिक ने लखनऊ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसके बाद मृतक के परिवारीजन व साथी श्रमिकों ने गोविंद फैक्ट्री के बाहर मजदूर का शव रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह सभी को शांत करवाया है। मृतक के साले अर्जुन प्रसाद निवासी उजीउद्दीनपुर रामसनेहीघाट ने आरोप लगाया है कि उनके जीजा की पिटाई के बाद जब हालत बिगड़ी तो फैक्ट्री प्रबंधन ने कोई भी मदद नहीं की। इनके द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में आरोपी सुपरवाइजर व फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने व आर्थिक मदद दिलाने की मांग की गई है।
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कोतवाल अनिरुद्ध कुमार सिंह का कहना है कि साथी कर्मचारियों के बीच मारपीट का मामला है। कोतवाल ने कहा शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है मामले की जांच पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं फैक्ट्री मालिक कुशल अग्रवाल के बड़े भाई सुशील अग्रवाल का कहना है कि मजदूर की मौत बीमारी से हुई है और उसके इलाज के लिए बेहतर इंतजाम किया गया था।
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