केन्द्र सरकार के बजट से किसानों, जरूरतमंदों और ग्रामीणों सुविधाएं मिलने की आस जगी है। जिले के साढ़े चार लाख किसानों को इस घोषणा का लाभ मिलेगा। जरूरतमंदों के घरों में बिजली और गैस कनेक्शन मिलने के साथ ही छत मुहैय्या कराने की योजना धरातल पर उतरी तो कुछ राहत मिलेगी। किन्तु मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बजट आशा के विपरीत रहा। टैक्स स्लैब न बढ़ना और डीजल-पेट्रोल के दामों में कमी न आने से ये वर्ग निराश है।
कर्मचारियों के लिए भी सुविधाओं में कटौती होने से यह तबकाa भी बजट से निराश हुआ है। स्वास्थ्य की नजर से राहत भरी खबर है। जिले के लोगों ने जेटली के बजट पर कुछ ऐसी ही राय रखी। सुबह से ही राहत की आस में लोग टीवी के सामने डटे रहे। जैसे-जैसे घोषणाएं होती रहीं लोगो की विचार धाराएं बदलती गईं। किसी ने चुनावी बजट कहा तो किसी ने कहा कि घोषणाओं पर अमल के लिए पैसा कहां से आएगा। कुछ ने इसको मोदी का मेगा बजट गांव, गरीबों और किसानों को रोटी कपड़ा और मकान उपलब्ध कराने वाला बताया।