संत रविदास जयंती बुधवार को जिलेभर में धूमधाम से मनाई गई। कहीं गोष्ठी का आयोजन हुआ तो कहीं गाजे बाजे के साथ विभिन्न झांकियों से सुसज्जित शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में महिलाएं, पुरुष, बच्चे बौद्ध भिक्षु व समाज के रविदासी पंथ के अनुयायी शामिल हुए।
बुधवार को कानूनगोयान मोहल्ला के पास स्थित मुड़कटी देवी मंदिर से सुबह संत रविदास के जीवन पर आधारित झांकियों से सुसज्जित शोभायात्रा निकाली गई। गाजे बाजे के साथ निकाली गई शोभायात्रा में संत रविदास के जीवन पर गीतों पर लोग झूमते आगे बढ़ते रहे। शोभायात्रा आजाद नगर, सिद्धार्थ नगर, पैसार, गढ़ी पीरबटावन पहुंची। शोभयात्रा में महिलाएं, पुरुष, बच्चे बौद्ध भिक्षु व समाज के रविदासी पंथ के अनुयायी शामिल हुए।
गुरुद्वारा कमेटी ने शोभायात्रा का स्वागत किया। राम जानकी मंदिर बड़ा ठाकुरद्वारा के पुजारी आदित्य शर्मा ने आरती उतार कर प्रसाद वितरण किया। सभा में मनोज कुमार ने संत रविदास के जीवन पर प्रकाश डाला। नगर पंचायत बंकी के मोहल्ला कोइलहापुरवा स्थित अम्बेडकर मठ पर संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। आयोजक डीडी आर्या ने कहा कि संत रविदास का मानना था कि भक्ति और अहंकार एक साथ संभव नहीं है।
मुख्य अतिथि चेयरमैन प्रतिनिधि श्याम सिंह ने कहा कि संत रविदास जी ने सभी धर्म संप्रदाय के लोगों को परस्पर मिल जुल कर प्रेमपूर्वक रहने का उपदेश दिया। रामसनेहीघाट प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के कृति पब्लिक स्कूल में रविदास जयंती एवं शहीद दिवस पर विशेष कार्यक्रम हुआ। रविदास जयंती पर उनके जीवन पर आधारित लघु फिल्म दिखाईछ गई। छात्र छात्राओं में स्लोगन लेखन व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी हुई।