कोटवाधाम में जेसीबी से नाले की सफाई कराते ग्रामीण। संवाद
कोटवाधाम। पांच दिनों तक हुई बारिश के बाद भी खेतों से पानी नहीं निकल सका है। नाला में सिल्ट व गंदगी से भरा होने से पानी की निकासी ठप है। इससे सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के 10 से अधिक गांवों में धान की फसल जलमग्न है। फसल को नुकसान की आशंका के बीच अधिकारियों से मदद न मिलने पर किसानों ने खुद ही नाले की सफाई शुरू करा दी।
ठाकुरपुर, मुरई, मोहरिया, नारायणपुर, मधनापुर, नसीमापुर, खलसापुर, मवईपुर और खजुरी समेत कई गांवों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। किसानों का कहना है कि नाले की सफाई न होने से खेतों में भरा बारिश का पानी नहीं निकल पा रहा है।
गांव के प्रेम वर्मा, पंकज वर्मा, उदयराज व रामराज ने बताया कि धान की फसल करीब 15 दिनों से पानी में डूबी हुई है। खेतों से पानी निकालने के लिए अधिकारियों से मदद मांगी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद करीब 50 किसानों ने आपस में चंदा जुटाया और जेसीबी लगवाकर नाले की सफाई शुरू करा दी।
किसानों को उम्मीद है कि नाले की सफाई से जलनिकासी शुरू होगी और धान की फसल को बचाने में मदद मिलेगी। वहीं, एसडीएम अनिल कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी।