बाराबंकी। अभिलेखों का सत्यापन न होने से किसान अपना गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद में आ रही दिक्कतों को देखते हुए शासन ने किसानों को बड़ी राहत दी है। खाद्य आयुक्त ने जारी आदेश में कहा है कि केंद्र प्रभारी किसानों के अभिलेखों का सत्यापन कर गेहूं की खरीद कर सकते हैं। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जाती है जो 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी।
जिले में गेहूं बेचने के लिए अब तक करीब 5314 किसानों ने पंजीकरण कराया है, इनमें से अभी तक महज 461 किसानों के अभिलेखों का ही सत्यापन हो पाया है 4377 किसानों का सत्यापन लंबित है। अभिलेखों का सत्यापन न होने की वजह से किसान अपना गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं बेच पा रहे हैं। इस पर खाद्य आयुक्त रणवीर प्रसाद ने 22 अप्रैल काे जारी आदेश में कहा है कि किसान 30 अप्रैल तक बिना सत्यापन कराए ही किसी भी सरकारी केंद्र पर अपना उत्पाद बेच सकते हैं। क्रय केंद्रों पर तैनात प्रभारी किसानों द्वारा जो अभिलेख प्रस्तुत किए जाते हैं उनका सत्यापन कर यह सुनिश्चित करते हुए किसानों से गेहूं की खरीद करेंगे। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाता है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ ने बताया कि खाद्य आयुक्त द्वारा जारी आदेश से सभी केंद्र प्रभारियों को अवगत कराते हुए अनुपालन भी शुरू करा दिया गया है।