रामनगर क्षेत्र में पानी में डूबी फसल को काटकर बाहर निकालते किसान। संवाद
रामनगर। लगातार बारिश के बाद खेतों में जलभराव से सैकड़ों बीघा धान की फसल सड़ने लगी है। करीब दो सप्ताह से पानी भरा होने के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
रामनगर तहसील के मधवा जलालपुर गांव निवासी किसान हरिशंकर यादव शुक्रवार को अपने बच्चों के साथ खेत में पानी में डूबी धान की फसल निकालने में जुटे दिखे। उन्होंने बताया कि कर्ज लेकर धान की रोपाई की थी। अच्छी पैदावार और आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन 26 सितंबर से लगातार चार दिन हुई बारिश ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
बताया कि खेतों में जलभराव के कारण फसल बर्बाद हो गई है। अब खेती में लगाई गई पूंजी निकालना भी मुश्किल हो रहा है। कर्ज चुकाने की चिंता भी सताने लगी है।
उधर, क्षेत्रीय लेखपाल कुलदीप वर्मा ने किसानों के साथ खेतों में पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित किसानों से गाटा संख्या, रकबा, आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी जुटाई, ताकि फसल नुकसान का आकलन किया जा सके।
तहसीलदार विपुल सिंह ने बताया कि सभी लेखपालों को सर्वे के काम में लगाया गया है। वे प्रभावित क्षेत्रों में जाकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं। प्रशासन जल्द से जल्द किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।