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फार्मर रजिस्ट्री: पंजीकरण कम, समस्याएं अपार

Mon, 02 Dec 2024 01:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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मनेरा में फार्मर रजिस्ट्री के लिए लगे ​शिविर में मौजूद किसान व अन्य। स्रोत - विभाग
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बाराबंकी। फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया के दूसरे दिन पंजीकरण के बजाय समस्याओं की भरमार रही। किसी किसान के मोबाइल पर ओटीपी नहीं जा पाई तो किसी का नाम आधार और खतौनी से नहीं मिल पाया। ज्यादातर आवेदन रिजेक्ट होते रहे। इन समस्याओं को सूचीबद्ध करते हुए निस्तारण के लिए मुख्यालय से संपर्क किया जा रहा है। इसके बावजूद शनिवार को पहले दिन सूबे के 15 जनपदों में बाराबंकी सबसे ज्यादा 366 फार्मर रजिस्ट्री के साथ अव्वल रहा था।
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रविवार को फार्मर रजिस्ट्री के लिए करीब 175 राजस्व गांवों में शिविर लगाए जाने थे लेकिन करीब 35 गांवों में शनिवार को एक भी रजिस्ट्री न हो पाने के चलते शिविर ही नहीं लगे। जिन गांवों में शिविर का आयोजन हुआ, वहां कहीं दो तो कहीं तीन फार्मर रजिस्ट्री बमुश्किल हो पाई।

सबसे बड़ी समस्या किसानों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी न जाने की सामने आई। किसानों को पता ही नहीं है कि उनके आधार के साथ कौन सा मोबाइल नंबर लिंक है। इसके अलावा कई किसानों का नाम मिलान आधार और खतौनी में नहीं हो पा रहा है जिससे आवेदन की प्रक्रिया बार-बार निरस्त हो रही है।
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एक गाटा संख्या के एक व्यक्ति का पंजीकरण होने के बाद अन्य सहखातेदारों का अंश निर्धारण नहीं हो रहा है। इसके अलावा तहसील प्रशासन की ओर से खतौनी में किए गए आदेश भी एप स्वीकार नहीं कर रहा है। ओटीपी न जाने पर चेहरा मिलान किया जा रहा है लेकिन उसमें भी समस्या आ रही है।

सिरौलीगौसपुर के रसूलपुर, अमरा देवी, अमरा, कटेहरा व अलीनगर समेत अन्य गांवों में नाम मिलान न होने के साथ अंश निर्धारण की समस्या आई। कुल मिलाकर समस्याएं अधिक हैं और निस्तारण के उपाय फिलहाल जिम्मेदारों के पास नहीं हैं।


वर्जन
उच्चाधिकारियों को कराया जा रहा अवगत
सर्वर के साथ ओटीपी, नाम मिलान, अंश निर्धारण और आदेश न लिए जाने की समस्याएं सामने आ रही हैं। इनके निस्तारण के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है।
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-श्रवण कुमार, उपकृषि निदेशक
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