बाराबंकी। खरीद केंद्रों पर धान की तौल कराने के लिए भटक रहे किसानों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। किसानों ने धान की बोरियों से लदीं तमाम ट्रैक्टर-ट्रॉलियां शहर से लगे लखनऊ-अयोध्या हाईवे किनारे हैदरगढ़ रोड पर खड़ीं कर दीं। भाकियू नेताओं की अगुवाई में प्रदर्शन करने के साथ सड़क पर ही डेरा डाल दिया। परेशान किसानों के भड़कने की सूचना मिलने पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बात की लेकिन किसान शाम तक सड़क से हटे नहीं।
जिले में धान खरीद केंद्रों पर तौल कराने में कई-कई दिन का समय लगने से हजारों किसान परेशान हैं। उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहे है। इन हालात में रविवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। खरीद केंद्र जाने के लिए निकले तमाम किसानों ने सुबह शहर से लगे हाईवे किनारे हैैदरगढ़ रोड के पास धान लदी ट्रॉलियां खड़ी कर दीं। दोपहर तक रोड के किनारे धान के बोरों से लदी ट्रॉलियों की लंबी लाइन लग गई। इसके साथ ही किसान सड़क पर डेरा डाल दिया। दोपहर तक धान लदी ट्रालियों के साथ किसानों की संख्या और बढ़ गई। इसके बाद सूचना अपर जिलाधिकारी को मिली तो उन्होंने जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी को मौके पर जाकर किसानों से बात कर उनकी समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिए।
दोपहर बाद साढ़े तीन बजे क्षेत्रीय विपणन अधिकारी पवन अग्रहरि के साथ पहुंचे जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने किसानों से वार्ता की। इस बीच किसानों की अगुवाई करने भाकियू के पदाधिकारी भी पहुंच चुके थे। किसानों ने अपनी कई समस्याएं बताईं लेकिन उनके समाधान का रास्ता न निकलते देख विपणन अधिकारी लौट गए। किसान शाम तक जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे। खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि किसानों की मांगों से अपर जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। प्रशासन के निर्देश का अनुपालन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान भाकियू के जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि जिले में धान खरीद केंद्रों पर किसानों का नहीं व्यापारियों और बिचौलियों का धान तौला जा रहा है। भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को महीने भर बाद का टोकन देकर लौटाया जा रहा है। कई एजेंसियों के खरीद केंद्रों पर शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य तीन सौ क्विंटल प्रतिदिन की खरीद नहीं की जा रही है। इसकी जांच करारकर लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मौके पर उमेश चंद्र, राजाराम, सुधाकर वर्मा, विक्रांत सैनी, जमनेश यादव, अमरेश कुमार, रवि कुमार, मनीष समेत कई किसान मौजूद थे।