हैदरगढ़ (बाराबंकी)। पूर्वाचल एक्सप्रेस वे भूमि की रजिस्ट्री बैनामा में सरकारी खाते से 38 लाख के अधिक भुगतान के मामले में निलंबित लेखपाल रजनी तिवारी ने शासन से जांच की मांग की है।
यूपीडा के सीईओ व डीएम को भेजे अलग अलग शिकायती पत्र में निलंबित लेखपाल ने बैनामा के दौरान खतौनी मौजूद रहने के बाद भी जालसाजी कर अधिक रुपया किसान के खाते में भेजने का आरोप लगाया। साथ ही नामांतरण आदेश से पहले जारी इश्तहार में खतौनी से सही रकबा दर्शाए जाने में किसी तरह की ओवर राइटिंग के आरोप को भी गलत बताया है। तहसील बार एसोसिएशन ने भी सभी बैनामों की जांच कराए जाने की मांग की है।
इस प्रकरण में तहसील प्रशासन गड़बड़ी के आरोप में फंसी लेखपाल रजनी तिवारी को निलंबित कर पुलिस में केस दर्ज करा चुका है। निलंबित लेखपाल रजनी तिवारी ने यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी व डीएम को भेजे शिकायती पत्र में मांग की गयी है कि इस मामले में बैनामा के दौरान रहे राजस्व कर्मी व अफसरों की भूमिका की जांच की भी पूरी निष्पक्षता से जांच करायी जाए।
कहां से होगी बढ़े स्टांप शुल्क की भरपाई
अतिरिक्त भूमि के बैनामा से बढ़े स्टांप शुल्क की भरपाई कहां से होगी। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के बैनामों के लिए स्टांप भी सरकारी धन से खरीदा गया है। जरौली गांव के दोनों नंबरो में करीब पच्चीस बिस्वा अतिरिक्त भूमि की रजिस्ट्री में करीब पौने दो लाख रुपए के स्टांप अधिक लगाए गए। राजस्व प्रशासन खाते में भेजे गए अतिरिक्त रुपया किसानों से वसूल लेगा लेकिन अतिरिक्त स्टांप खरीद में खर्च हुई सरकारी धनराशि की भरपाई कहां से होगी , इसे लेकर सभी चुप्पी साधे हैं।