बाराबंकी। विधान सभा की विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद, जिन मतदाताओं की मैपिंग विगत पुनरीक्षण-2003 की सूची से नहीं हो पाई थी, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। डीएम शशांक त्रिपाठी ने बताया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इन नोटिसों पर सुनवाई कर रहे हैं।
सुनवाई प्रक्रिया को काफी सरल किया गया है। कोई मतदाता न छूटे इस उद्देश्य के अनुरूप, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम-18 के तहत पुनरीक्षण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न हो सकने वाले मतदाताओं को छूट दी जा रही है। ऐसे मतदाता अपनी ओर से किसी व्यक्ति को सुनवाई के लिए अधिकृत कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें लिखित रूप में हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाना होगा।
नोटिस के जवाब में जन्म तिथि के अनुसार मतदाता अभिलेख देंगे। 01 जुलाई 1987 से पूर्व जन्मे मतदाता: केवल स्वयं से संबंधित अभिलेख देंगे। 01 जुलाई, 1987 से 02 दिसंबर, 2004 के मध्य जन्मे मतदाता स्वयं के साथ पिता या माता में से किसी एक का अभिलेख देंगे। 02 दिसंबर, 2004 के बाद जन्मे मतदाता को स्वयं के साथ माता और पिता दोनों के अभिलेख देना होंगे। नोटिस के जवाब में, मतदाता या उनके प्रतिनिधि को जन्म तिथि या जन्म स्थान के प्रमाण के रूप में निम्नलिखित 13 अभिलेखों में से कोई एक उपलब्ध कराना होगा।
इनमें सरकारी पहचान पत्र, पेंशन आदेश, एक जुलाई 1987 से पूर्व जारी पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, भारतीय पासपोर्ट, मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, परिवार रजिस्टर, भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र मान्य हैं। इनमें से कोई एक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा।
ऑनलाइन जवाब की सुविधा भी है।
मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉगिन करके भी नोटिस की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। मतदाता इसका ऑनलाइन ही जवाब भी दे सकते हैं। इसके साथ ही बीएलओ भी नोटिस उपलब्ध करा रहे हैं। वेबसाइट पर एसआईआर 2026 के तहत ''''Submit documents against notice issue'''' पर क्लिक कर वोटर आईडी नंबर से नोटिस की स्टेट्स रिपोर्ट भी जानी जा सकती है।