मदरसा बोर्ड की लापरवाही से मुंशी, मौलवी, आमिल, फाजिल की परीक्षाएं मात्र मजाक बन कर रह गई है। जिला प्रशासन भी असहाय नजर आ रहा है। जैदपुर में परीक्षा आधे घंटे देर से शुरू हुई। इसे लेकर परीक्षार्थियों ने हंगामा किया।
मदरसा बोर्ड द्वारा पहली पाली के पेपरों का बंडल न निकलने से दूसरे केंद्र से पेपर मंगवा कर उसकी फोटोकॉपी कराकर परीक्षा संपंन कराई गई। इससे अब मदरसा बोर्ड की सुचिता पर सवाल उठने लगा है।
कस्बे में इस बार मदरसा बोर्ड के दो परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें मदरसा जामिया अरबिया नूरूल उलूम निसवां व द माडर्न एकेडमी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र शामिल हैं। मंगलवार को सुबह पहली पाली में मुंशी, मोलवी व द्वितीय पाली में आलिम, फारसी, आलिम अरबी की परीक्षा होनी थी।
पर बोर्ड की लापरवाही से पहली पाली में मदरसा नूरूल उलूम निसवां में जब पेपर बांटने के लिए बोरी खोली गई तो उसमें 25 मई को होने वाली परीक्षा के पेपर ही नहीं निकले। काफी देर तक पेपर न बंटने के कारण परीक्षार्थियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
इस पर प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को फोन कर केंद्र व्यवस्थापक मौलाना जव्वाद कासमी ने जानकारी दी। उसके बाद द माडर्न एकेडमी इंटर कॉलेज से दोनों पाली के पेपर लाकर फोटो कॉपी कराकर परीक्षार्थियों को बांटा गया।
इससे आधा घंटा देर में पहले दिन की परीक्षा शुरू हुई। द मार्डन एकेडमी इंटर कॉलेज में पहली पाली में 197 में 158 व मदरसा निसवां में 884 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। द माडर्न एकेडमी इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य ने बताया कि सुबह डीएमओ के आदेश पर मदरसे में पेपर भेजे गए थे।