बाराबंकी। हाईटेक हो रहे रेलवे ने ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए 15 जुलाई से पूरे देश में नई प्रणाली लागू की गई है। इसके बावजूद अमृत भारत स्टेशन का दर्जा प्राप्त बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर नई व्यवस्था अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। 40 दिन बीत जाने के बाद भी यहां रेल टिकटों की बिक्री पुरानी व्यवस्था के अनुरूप ही चल रही है।
नई व्यवस्था के तहत तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान ओटीपी वेरिफिकेशन अनिवार्य हो गया है। आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप, पीआरएस काउंटर या अधिकृत एजेंट के माध्यम से टिकट बुकिंग करते समय सिस्टम से जेनरेट ओटीपी का प्रमाणीकरण जरूरी है। इसके लिए यात्रियों को आधार से लिंक मोबाइल नंबर अपने साथ रखना होता है। इसका उद्देश्य फर्जीवाड़ा रोकने का है। देशभर में यह नियम 15 जुलाई से लागू हुआ है, लेकिन बाराबंकी स्टेशन पर टिकट अब भी पुरानी व्यवस्था से बन रहे हैं।
अधिकारियों ने पहले नई व्यवस्था को 30 जुलाई से लागू किए जाने की बात कही थी। ढुलमुल कार्यप्रणाली के चलते अगस्त माह खत्म होने के करीब होने के बावजूद नई व्यवस्था को अभी तक शुरू नहीं कराया जा सका है। प्रतिदिन लगभग 10 हजार यात्री यहां से सफर करते हैं। तत्काल टिकट के लिए रोज सुबह लंबी कतारें लगती हैं और अक्सर टिकट की कालाबाजारी के आरोप भी लगते रहते हैं।
तकनीकी दिक्कतें बनी बाधा
तत्काल टिकट बुकिंग में ओटीपी से सत्यापन की व्यवस्था लागू की गई है। तकनीकी दिक्कतों के कारण अभी स्टेशन पर नई प्रणाली का क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। जल्दी इस व्यवस्था को शुरू कराने का प्रयास चल जा रहा है।
अरुण रायजादा, स्टेशन अधीक्षक