सूरतगंज/कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरयू नदी का पानी भले ही चेतावनी बिंदु के आसपास बह रहा हो, लेकिन तराई के गांवों में कटान और तेज हो गई। नदी के निशाने पर मुख्यमंत्री आवास आ गया है जो आधा कटकर धारा में समा गया है। इसके अलावा कई और मकान तथा खेती योग्य जमीन नदी के निशाने पर हैं। उधर तटबंध पर रह रहे लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
सूरतगंज क्षेत्र के सरसंडा, बबूरी, जमका में कटान तेज हो गई है। जमका निवासी रामू को मुख्यमंत्री आवास मिला था जो नदी में समाने की कगार पर है। रामू ने कहा कि जैसे-तैसे एक आवास मिला था, वह भी नदी में समा गया है अब दोबारा आवास मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में स्थित सरयू नदी का जलस्तर भले ही घट कर चेतावनी बिंदु के पास बह रहा हो, मगर नदी का पानी कहारनपुरवा, सनावा, भैरवकोल के पास तेजी से कटान कर रहा है। तेलवारी गांव के पास भी नदी में कटान सोमवार को हुई है। कई लोगों की खेती योग्य करीब 15 बीघा जमीन नदी में समा गई। एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कटान वाले गांवों पर एसडीएम को नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ पीड़ितों को बांटा भोजन
डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि जिले में बाढ़ की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और प्रभावित स्थानों पर बचाव और राहत कार्य लगातार किए जा रहे हैं। सोमवार को तहसील रामनगर अंतर्गत बांध पर राहत शिविर में जमका, खुज्झी, सरसंडा, बतनेरा, हेतमापुर, ललपुरवा, कोडरी मजरों के बाढ़ पीड़ितों को भोजन बांटा गया। रात्रि के लिए भी यही व्यवस्था है और इस क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश की भी व्यवस्था की गई है। एसडीएम रामनगर अनुराग सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर घटा है। प्रभावित परिवारों को पूर्व में ही विस्थापित कर दिया गया है। बंधे पर राहत के तौर पर 15 पशुओं का इलाज एवं 10 पशुओं का टीकाकरण किया गया। एसडीएम सिरौली व रामसनेहीघाट ने बताया कि उनके क्षेत्र में भी अभी तक बाढ़ से आबादी क्षेत्र प्रभावित नहीं है। बाढ़ प्रभावित तेलवारी, सनावा, बघौलीपुरवा, टेपरा गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवा बांटी।