मसौली (बाराबंकी)। अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा लेने के बाद भी अतिक्रमण न हटाये जाने पर बुधवार को एनएचएआई, राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने जेसीबी चलाकर कार्रवाई की।
लखनऊ-अयोध्या हाईवे फोरलेन निर्माण के समय निर्धारित सीमा तक लोगों को मुआवजा देने के बाद भी कब्जा न हटाने पर करीब दो वर्ष पूर्व अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया था। लेकिन लोगों ने फिर से एनएचएआई की अधिग्रहीत भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कर कब्जा कर रखा था। कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद भी लोगों द्वारा अतिक्रमण न हटाने पर बुधवार को एनएचएआई के कोरिडोर मैनेजर के दिशा निर्देश पर कार्रवाई हुई।
हाईवे पर बावली चौराहा व सफदरगंज चौराहा पर पुलिस व राजस्व की संयुक्त टीम की मौजूदगी में जेसीबी द्वारा अवैध निर्माण ढहाया गया। अतिक्रमण हटाने के दौरान बावली चौराहे पर केबी धर्मकांटा के समीप एक नवनिर्मित प्रतिष्ठान जिसका कुछ भाग अधिग्रहीत भूमि क्षेत्र में है। उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए पांच दिनों की समय सीमा दी गई।
इसी क्रम में सफदरगंज चौराहे पर राजेन्द्र यादव के अवैध निर्माण के भाग को हटाने के लिए लिखित रूप में तीन दिनों का समय दिया गया। कोरिडोर मैनेजर गुंजन सिंह ने बताया कि जिन लोगों के एनएचएआई की अधिग्रहीत क्षेत्र में अवैध निर्माण है उन्हें लिखित तौर पर समय दिया गया है। अगर निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो अभियान के तहत निर्माण गिराकर अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।