बाराबंकी। नवनियुक्त 128 शिक्षकों को शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विधायक और डीएम द्वारा नियुक्ति पत्र दिए गए। नियुक्ति पत्र पाकर शिक्षकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। शिक्षकों ने कहा कि इस दिन का उन्हें काफी समय से इंतजार था और नियुक्ति पत्र पाने के साथ ही उनका इंतजार खत्म हुआ। अब वह अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करेंगे और बच्चों के भविष्य को संवारने में ही अपना पूरा समय लगाएंगे।
अयोध्या हाईवे पर बड़ेल के पास लखनऊ पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल में हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक दरियाबाद सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को जो जिम्मेदारी दी गई है, उम्मीद है वह पूरी ईमानदारी से अपना कार्य करेंगे। विधायक हैदरगढ़ बैजनाथ रावत ने कहा कि अध्यापक अपनी गरिमा के अनुरूप कार्य करें और बच्चों को अपना बच्चा समझकर पढ़ाएं। भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव ने कहा कि योगी सरकार ने जितनी नौकरियां दी हैं, इतनी नौकरियां आज तक किसी सरकार ने नहीं दीं।
प्रदेश की योगी सरकार बेरोजगारी की समस्या के प्रति काफी गंभीर है और इसे दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में आज नवनियुक्त शिक्षकों में यह नियुक्ति पत्र का वितरण किया जा रहा है। इस दौरान श्रुति शुक्ला, हिना, मुलायम, रुबी वर्मा, इत्तेफाक अहमद, संध्या, संतोष कुमार समेत 128 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस मौके पर जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह, सीडीओ एकता सिंह, बीएसए अजय कुमार सिंह, बीईओ आरपी सिंह, उदय मणि पटेल, अजय गुप्त मौर्य, अनिल सिंह, ऋषि टंडन, राहुल शुक्ला आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला स्काउट शिक्षक राजेंद्र त्रिपाठी ने किया।
सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ीं धज्जियां
कोरोना की तीसरी लहर मुहाने पर है लेकिन जिम्मेदार ही इसको लेकर गंभीर नहीं दिखाई दिए। इनके चेहरे पर मास्क तो था पर वह केवल दिखावा भर था। यहीं नहीं कुछ के चेहरे पर तो मास्क भी नजर नहीं आया। ऐसे में जब जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार ही इस तरह की लापरवाही बरतेंगे तो कोरोना की तीसरी लहर को रोकना आसान नहीं होगा।
शुक्रवार को नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की खूब धज्जियां उड़ाई गईं। एक कमरे में ही शिक्षकों और अतिथियों को बैठाकर कार्यक्रम निपटा दिया गया और मौके पर मौजूद जिम्मेदारों ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। जबकि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। इसके बावजूद जिम्मेदारों द्वारा बरती जा रही इस तरह की लापरवाही लोगों में चर्चा का विषय बनी रही।