बाराबंकी। बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर दलसराय गांव के पास स्थित पेट्रोल पंप पर रविवार रात कर्मचारी मोबाइल पर रील देखने में व्यस्त रहे और चोर कैश रूम का ताला तोड़कर 10.50 लाख रुपये से भरी तिजोरी उठा ले गए। सीसीटीवी कैमरे में एक चोर तिजारी ले जाते दिखा है। पुलिस पंप के आसपास व हाईवे पर लगे कई कैमराें की फुटेज खंगाल चुकी है। पंप पर काम करने वाले कर्मचारी भी शक के घेरे में हैं। क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमें जांच में जुटी हैं। प्रतापगढ़ के हनुमानगंज चंदुआपट्टी निवासी कार्यवाहक मैनेजर भानु सिंह की तहरीर पर अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दलसराय गांव के पास स्थित ओम साई राम नाम से संचालित एचपी पेट्रोल पंप सुल्तानपुर निवासी डॉ. रजनीश सिंह का है। पंप की देखरेख इनके भतीजे अनुराग सिंह करते हैं। अनुराग के अनुसार, रविवार रात पेट्रोल पंप पर कार्यवाहक मैनेजर भानु सिंह समेत दो सेल्समैन मौजूद थे।
रात करीब 11 बजे भानु सिंह विश्राम कक्ष में सोने चले गए। आधी रात बाद तेल भर रहे सेल्समैन शिव कैलाश यूपीआई से कनेक्ट साउंड बॉक्स चार्जिंग पर लगाने के लिए गया तो देखा कि कैश रूम खुला व अंदर स्टोर रूम का ताला टूटा था। स्टोर रूम से तिजोरी गायब थी। तुरंत उसने विश्राम कक्ष में सो रहे भानु सिंह को जगाया और घटना की जानकारी दी। इसके बाद पेट्रोल पंप मालिक और पीआरवी को सूचना दी गई।
पुलिस की जांच में सामने आया सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के अनुसार रात करीब 12:30 बजे से एक बजे के बीच चोर कक्ष में दाखिल हुआ और तिजोरी उठा कर बाहर चला गया। तिजोरी में तीन दिन का कैश रखा था। क्योंकि शनिवार व रविवार को अवकाश होने के कारण पैसा बैंक नहीं भेजा गया था। सीओ गरिमा पंत के अनुसार पंप के अन्य कैमरे खंगाले गए तो तेल भरने वाले दो सेल्समैन मोबाइल में व्यस्त दिखे। पूछने पर बताया कि रील देख रहे थे।
पेट्रोल पंप पर पीछे की तरफ से घुसा चोर
चोर पेट्रोल पंप पर पीछे की तरफ से बाउंड्री फांद कर आया। पुलिस जांच में कैश रूम के पीछे बाउंड्री के पास लगा सीसीटीवी कैमरा ऊपर की ओर मुड़ा दिखा। ताकि कोई गतिविधियां रिकॉर्ड न हो सकें। हाईवे किनारे स्थित पेट्रोल पंप पर इस तरह की बड़ी चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भी दहशत का माहौल है।
वारदात का सूत्रधार कोई करीबी तो नहीं
कैश रूम ही पंप का कार्यालय है। इसी के अंदर बहुत छाेटा सा स्टोर रूम बना है। इसी में तिजोरी रखी थी। तीन दिन का कैश भी था। पुलिस का मानना है कि इतनी सटीक जानकारी होने का मतलब जरूर कोई करीबी ही इस वारदात का सूत्रधार हो सकता है। ऐसे में पुलिस पंप पर काम करने वालों के साथ पुराने कर्मचारियों की सूची बनाकर जांच कर रही है।
पुलिस की तीन टीमें गठित
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। आसपास के लोगों के साथ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखी जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।