बाराबंकी। राष्ट्रीय औषधि पादप बोर्ड व आयुष मंत्रालय भारत सरकार की ओर से संचालित हर्बल गार्डन परियोजना के तहत जिले के विद्यालयों में हर्बल गार्डन स्थापित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शहर के राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय में बुधवार को जिला स्तरीय समन्वयन बैठक हुई।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी वीनम यादव ने भारतीय संस्कृति की हजारों साल प्राचीन आयुर्वेद चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि जानकारी के अभाव में यह चिकित्सा लुप्त होती गई है। समाज में औषधीय पौधों की पहचान और उनकी उपयोगिता के प्रति जागरूकता लाना आवश्यक है। उन्होंने बेसिक उत्थान एवं ग्रामीण सेवा संस्थान के प्रयासों की सराहना की। संस्था के अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने जिले के 10 स्कूल और डिग्री कॉलेज में स्थापित हो रहे हर्बल गार्डन की प्रगति बताई। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कॉलेज में 25 प्रकार के औषधीय पौधे लगाए जा रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों को इन पौधों की पहचान और उपयोगिता की जानकारी भी दी जा रही है।
आयुष चिकित्सा अधिकारी राजेश कुमार, आयुर्वेदाचार्य शशि कुमार अवस्थी, फार्मासिस्ट मनोज वर्मा, स्टाफ नर्स सरोज शुक्ला, साधना त्रिपाठी, कंचन लता यादव, दीपिका पाठक, योग सहायक स्वीटी मौर्य, धर्मा देवी, अंजलि आदि मौजूद रहे।