बाराबंकी। मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते इमरजेंसी वार्ड मरीजों से भर गया है। इसके साथ ही उल्टी-दस्त के मरीज भी इलाज को पहुंचने लगे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की खासी भीड़ रही। इसके चलते मरीजों को घंटों लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा। वहीं भीड़ इतनी ज्यादा रही कि कई मरीज तो बिना जांच और इलाज के ही वापस लौट गए।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 30 बेड हैं और सभी मरीजों से भरे हुए हैं। इसके चलते ज्यादातर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया जा रहा है या फिर रेफर कर दिया जा रहा है। सोमवार को उल्टी-दस्त की शिकायत पर पिंकी, शगुन, गड़िया, राजन और प्रवेश को परिजन इलाज के लिए इमरजेंसी लेकर पहुंचे जहां पर इन्हें भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक आनंद ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से उल्टी-दस्त और तेज बुखार के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं।
जिला की ओपीडी में सोमवार को करीब 1759 मरीज देखे गए। इनमें सर्दी, जुकाम और बुखार के 427, पेटदर्द के 258, बदनदर्द के 255, हड्डी रोग के 389, त्वचारोग के 472 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इलाज को आए रामबरन, गाैतम, सुधीर, कौशल, मालती ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा है। हम लोग सुबह नौ बजे ही आकर लाइन में लग गए थे। भीड़ इतनी ज्यादा रही कि डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में ही हम लोगों के पसीने छूट गए।
बिना जांच के लौटे मरीज
इलाज के लिए आए शिवकुमार, रामपाल, असलम, मीना ने बताया कि अस्पताल में भीड़ बहुत ज्यादा रही। इससे डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में करीब चार घंटे लग गए। जब हम लोग जांच कराने के लिए पैथाेलॉजी पहुंचे तो समय बीत जाने की बात कहकर वापस कर दिया गया।
मौसम में उतार-चढ़ाव की वजह से सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी और त्वचारोग के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। हालात ये हैं कि इमरजेंसी वार्ड पूरा मरीजों से भर गया है। इसके बाद भी सभी को इलाज मिले इसका पूरा प्रयास किया जाता है।
डॉ. जेपी मौर्य, सीएमएस