बाराबंकी। लोनीकटरा के शुंभा गांव निवासी रामकिशुन (87) की सोमवार भोर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अविवाहित रामकिशुन अपने बड़े भाई सुंदरलाल के यहां रहते थे। उनकी मौत के बाद परिजनों में विवाद की स्थिति बन गई है। तीसरे भाई रामरतन ने हत्या की आशंका जताते हुए आरोप लगाया कि रामकिशुन से किसी साजिश के तहत सादे कागजों पर अंगूठा लगवाया गया है।
पुलिस के अनुसार रामकिशुन पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे। रविवार को वह गांव के चौराहे तक गए थे, जहां अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद वह घर लौट आए। परिजनों ने उनका इलाज भी कराया लेकिन भोर में उनकी मौत हो गई। छोटे भाई ने आरोप लगाया तो पुलिस ने मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
लोनीकटरा एसएचओ अभिमन्यु मल्ल ने बताया कि सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सुंदरलाल के पुत्र ने बताया कि चाचा रामकिशुन ने अपनी करीब दो बीघा जमीन उन लोगों के नाम पहले ही बैनामा कर दी है। आरोप निराधार है।
..........................
रामकिशुन पर दुष्कर्म का मामला था विचाराधीन
रामकिशन पर वर्ष 2003 में अपने ही परिवार की एक महिला के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था, जो अभी भी अदालत में विचाराधीन है। इसके अलावा वर्ष 2009-10 में पड़ोसी गांव के एक व्यक्ति की मौत के मामले में भी उन पर हत्या का आरोप लगा था। हालांकि बाद में उनका नाम उस मामले से हटा दिया गया था। इन पुराने मामलों के चलते गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।