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Barabanki News: विदाई की बेला में ग्राम प्रधान, 24 करोड़ की मजदूरी और निर्माण का अटका भुगतान

Tue, 05 May 2026 01:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। जिले की 1155 ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने को लेकर इन दिनों बेचैनी है। लाखों की देनदारी उनके लिए गले की फांस बन गई है। विकास कार्यों पर ब्रेक लगने की आशंका से प्रधानों को डर है कि बस्ता जमा होने से पहले भुगतान न हुआ तो जवाबदेही का सारा बोझ उन्हीं पर आ गिरेगा।
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प्रधानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अधूरा काम और भारी बकाया का भुगतान करना है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में निर्माण का 5555.09 लाख और 2025-26 में 7064.48 लाख मिलाकर कुल 12631.57 लाख रुपये निर्माण सामग्री का भुगतान अटका पड़ा है। ईंट-बजरी देने वाले वेंडर्स भी भुगतान के लिए प्रधानों पर दबाव बना रहे हैं।
प्रधान चाहते हैं कि जाने से पहले उनके हस्ताक्षर से पेमेंट हो जाए ताकि भविष्य में किसी ऑडिट या जांच की आंच उन पर न आए। 15 ब्लॉकों में मनरेगा (अब वीबी जी राम जी) मजदूरों के पसीने की कमाई पर संकट मंडरा रहा है। 24 करोड़ रुपये से अधिक की मजदूरी बकाया है।
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प्रशासकों के हाथ में होगी कमान
प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होते ही वित्तीय अधिकार प्रशासकों के पास चले जाएंगे। प्रधानों को डर है कि उनके कार्यों की फाइलें दबने से भुगतान अटका तो वे वेंडर्स और मजदूरों के निशाने पर आ जाएंगे। प्रशासन इस स्थिति को संभालने में जुटा है। ग्राम विकास अधिकारियों को जल्द से जल्द मस्टर रोल क्लोज कर फंड ट्रांसफर ऑर्डर जनरेट करने के निर्देश हैं। शासन से अतिरिक्त बजट की मांग की गई है ताकि कार्यकाल खत्म होने से पहले मजदूरों को पैसा मिल सके। वेंडर्स का बकाया भुगतान कर विवादों को सुलझाया जा सके।
डीपीआरओ नितेश भोड़ले के मुताबिक प्रधानों का कार्यकाल 26 मई का समाप्त हो रहा है। मनरेगा मजदूरी और निर्माण के भुगतान के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। बकाया भुगतान प्रधानों के बिल वाउचर के आधार पर प्रशासकों से कराया जाएगा।
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