बाराबंकी। महाविद्यालयों में स्नातक एवं परास्नातक की कक्षाएं नियमित रूप से चल रही हैं। मगर स्कूल आने छात्र-छात्राओं की उपस्थिति नहीं बढ़ रही है। जबकि छात्र-छात्राओं की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। नई शिक्षा नीति के तहत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति के लिए पांच अंक निर्धारित किए गए हैं। महाविद्यालय की सख्ती और मौसम अनुकूल होने से कक्षा में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
नई शिक्षा नीति में स्नातक के छात्र-छात्राओं के बहुमुखी विकास के लिए कई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इसके तहत आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा 25 अंकों की निर्धारित की गई है। इसमें तीन खंड होते हैं जिसमें खंड-ए में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति के लिए पांच अंक निर्धारित किए गए हैं। खंड-बी में असाइनमेंट प्रेजेंटेशन होता है जिसमें पांच सौ से डेढ़ हजार शब्दों में असाइनमेंट प्रस्तुत करना होता है।
इसके लिए भी पांच अंक निर्धारित किए गए हैं। खंड-सी 15 अंकों का होता है जिसमें पांच प्रश्न पूछे जाते हैं। महाविद्यालय में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है लेकिन छात्र-छात्राओं की हाजिरी नहीं बढ़ रही है। जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर सीताराम सिंह ने बताया कि धीरे-धीरे छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ रही है।
करीब 25 प्रतिशत बच्चे आ रहे हैं। पटेल महिला महाविद्यालय की प्राचार्य ऊषा चौधरी का कहना है कि सभी विषयों की कक्षाएं नियमित चल रही है। अब मौसम ठीक हो रहा है। इससे अब छात्राओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। ग्राम्यांचल डिग्री कॉलेज के प्रबंधक राजेश सिंह ने बताया कि शुरुआत में 30 प्रतिशत बच्चे आ रहे थे। अब करीब 60 प्रतिशत बच्चे आ रहे हैं और क्लास भी अटेंड कर रहे हैं।