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एल्गिन चरसड़ी बांध में कटान तेज

Thu, 03 Aug 2017 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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बाढ़ का भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
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 घाघरा घटी पर बाढ़ पीड़ितों की मुसीबतें बढ़ गई है। एल्गिन चरसड़ी बांध में कटान तेज होने से सिरौलीगौसपुर तहसील के 5 गांवों के घाघरा में समाने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि इस गांव के लोग करीब एक माह से बंधे पर गुजारा कर रहे है। गांवों में घूसा घाघरा का पानी बाढ़ पीड़ितों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है।    
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गुरुवार को घाघरा का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर 106.266 रहा। जो खतरे के निशान से 19 सेंटीमीटर ऊपर था। वहीं नेपाल से दोपहर 12 बजे घाघरा में 2 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा गया। वहीं एल्गिन चरसड़ी बांध का 17 मीटर बांध फिर लांच कर गया। जिससे घाघरा के उस पार बसे सिरौलीगौसपुर तहसील के नाउनपुरवा, चरपुरवा, नयापुरवा, बेहटा व रायपुर मांझा गांवों में भरा पानी और बढ़ गया। इन गांव के लोग बंधे पर भले ही गुजारा कर रहे हो मगर, घाघरा में घरों के समाने का खतरा उन्हें सताने लगा है।

जबकि, घाघरा का पानी सिरौलीगौसपुर व राम सनेहीघाट के परसावल, नैपुरा, कमियार, कोयलावर, गढ़ी, टिकरी, गुनौली व किठूरी गांवों में कहर बरपा रही है। सड़कों पर कई फिट ऊपर तक पानी भरने से इन गांव के लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें आ रही है। उधर, घाघरा के घटने से रामनगर तहसील के जमका, खुज्जी व कंचनापुर तथा सिरौलीगौसपर तहसील के मल्दहा, अतसुइया, कोठरी गोरिया आदि गांवों के पास कटान तेज हो गई है।
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इस संबंध में एडीएम अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नेपाल से घाघरा में दो लाख क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। चरसड़ी बांध के लगातार कटने से सिरौलीगौसपुर के पानी में डूबे 5 गांवों को खतरा जरूर बढ़ा है। हालांकि इन गांव के लोगों को पहले ही सुरक्षित बंधे पर पहुंचाया जा चुका है।
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