बाराबंकी। शहर में बड़ी संख्या में चल रहे ई-रिक्शा यातायात के लिए मुसीबत बन गए हैं। इन पर लगाम लगाने के लिए यातायात पुलिस का सत्यापन कार्य अंतिम चरण में है। करीब 6000 ई-रिक्शाें का सत्यापन हो चुका है। इनके चालकों व संचालकों के नाम, पते और मोबाइल नंबर भी एकत्र कर लिए गए हैं। यातायात पुलिस की योजना है कि ग्रामीण क्षेत्र के पते पर पंजीकृत ई-रिक्शे शहर से बाहर होंगे। जो चलेंगे उनका रूट प्लान बनाया जाएगा।
एआरटीओ ऑफिस के आंकड़ों की मानें तो जिले में 6424 ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। शहर में बड़ी संख्या में चल रहे ई-रिक्शा यातायात के लिए मुसीबत बन गए हैं। छह महीने पहले इनके लिए तहसील प्रशासन, नगर पालिका और यातायात पुलिस की संयुक्त बैठक में नौ रूट निर्धारित किए गए थे। करीब 900 ई-रिक्शों में रंग पट्टिका लगाई गई थी, लेकिन यह प्लान फेल हो गया।
मौजूदा समय में शहर के नाका सतरिख, पटेल तिराहा, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, देवा रोड, हैदरगढ़ रोड, रामनगर तिराहे पर ई-रिक्शा यातायात के लिए मुसीबत बने हुए हैं। इसके कारण शहर से गुजरे लखनऊ अयोध्या हाईवे पर जाम लग रहा है। बीते दिनाें हुए सत्यापन में पाया गया कि शहर में करीब 1500 ई-रिक्शा मनमाने तरीके से दौड़ रहे हैं। एक-एक रूट पर 150 से 200 ई-रिक्शा चल रहे हैं। लखपेड़ाबाग में व्यस्ततम सड़क पर जहां 200 ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं, वहीं देवा रोड पर इनकी संख्या 150 के आसपास है। जिसकी जहां मर्जी, वहां की सवारी बैठा रहा है, किराया भी तय नहीं है। यातायात निरीक्षक रामयतन यादव ने बताया कि मसौली, हरख, सतरिख, सफेदाबाद, देवा समेत जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों के पते पर पंजीकृत ई-रिक्शाें के शहर में संचालन पर रोक लगाई जाएगी।