गेंहू लगी फसल जोतने की शिकायत पर थानाध्यक्ष द्वारा कार्रवाई न किए जाने और आरोपियों को संरक्षण देने से भड़के किसानों ने शनिवार को थाना दिवस पर हंगामा कर दिया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष का घेराव कर पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। बाद में आरोपियों पर कार्रवाई करने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
मालूम हो कि जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम करंद निवासी शीतम पत्नी मनीराम के खेत में लगी गेहूं की फसल उसके सगे चाचा राजेंद्र साथियों के साथ रात में दो ट्रैक्टर से जोत डाली। जिसका विरोध पीड़िता ने किया तो उसे जान से मारने की धमकी भी दी। रात में खेत जोतता देख ग्रामीण इकट्ठा हो गए और खेत जोतने आए आरोपियों को लाठी-डंडा लेकर दौड़ा लिया था। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसओ सदानंद से की थी लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचे। कंट्रोल रूम फोन करने पर चार घंटे बाद मौके पर पहुुंची पुलिस ने दोनों ट्रैक्टरों को कब्जे में लेकर कार्रवाई की बात कही थी।
सुबह पीड़िता पर सुलह करने का दबाव बनाने पर ग्रामीण भड़क गए और प्रदर्शन किया उसके बाद पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की थी। मामले में कोई कार्रवाई न होने से भड़के ग्रामीणों ने शनिवार को थाना दिवस का बहिष्कार करते हुए हंगामा किया। यही नहीं ग्रामीणों ने एसओ का घेराव कर पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। ग्रामीणों का उग्र रूप देख थानाध्यक्ष ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तब जाकर ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर दो दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा।