कोटवाधाम (बाराबंकी)। बुखार से पीड़ित एक छात्रा की मंगलवार को सुबह मौत हो गई, जबकि जांच के दौरान करीब 57 लोग बुखार से पीड़ित पाए गए हैं। जिले में बुखार और डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है और इसकी चपेट में आकर आए दिन किसी न किसी की जान जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में कैंप तो कर रही हैं, परंतु रोग पर नियंत्रण नहीं लगा पा रही हैं।
कोटवाधाम निवासी विकास सैनी की पुत्री लवी सैनी (8) बसंत क्रांति इंटर काॅलेज कोटवाधाम में कक्षा एक की छात्रा है। वह तीन-चार दिनों से बुखार और पेट दर्द से परेशान थी। परिजनों ने बताया कि पहले उसे टिकैतनगर सीएचसी पर दिखाया गया। जब आराम नहीं मिला तो बदोसराय में एक निजी चिकित्सक से उपचार कराया जा रहा था। लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ और मंगलवार की सुबह छात्रा की मौत हो गई। अचानक मासूम की मौत होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं मथुरानगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक अमित दुबे ने बताया कि छात्रा की मौत बुखार से नहीं हुई है। जांच के लिए टीम मौके पर भेजी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
13 गांवों में शिविर लगाकर की गई पीड़ितों की जांच
सीएमओ अवधेश कुमार ने बताया कि जिन गांवों में बुखार के मरीज मिल रहे हैं, वहां पर टीमें लगातार कैंप कर रही हैं। बताया कि मंगलवार को बेलहरी में 68 लोगों की जांच में 14 बुखार पीड़ित मिले। इसी प्रकार जारमऊ में 62 में आठ, मीरापुर में 30 में पांच, प्यारेपुर, गगियापुर में 59 में 13, मिश्रन का पुरवा, शरीफाबाद और सुबेहा में 51 में 10 तथा जाटा बरौली, बड़ेल, लखपेडाबाग, मौथरी और कुरौली में 140 लोगों की जांच की गई। इनमें सात बुखार पीड़ित मिले। इस तरह से कुल 57 मरीज बुखार से पीड़ित पाए गए, जिन्हें चिकित्सीय परीक्षण कर दवाएं दी गईं। बताया कि जिले में अभी भी नौ डेंगू के मरीज हैं, जिनका उपचार चल रहा है।