बाराबंकी। 50-60 लोगों के नाम से बैंक मैनेजर और दलालों द्वारा करोड़ों का ऋण निकालकर गबन करने का मामला अब भारतीय रिजर्व बैंक तक पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक रिजर्व बैंक ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर ली है। जांच की आंच बैंक के अफसरों तक पहुंच रही है। वहीं दूसरी ओर पुलिस के रडार पर कई जनसुविधा केंद्र संचालक और खाताधारक भी हैं, जिन्होंने मुद्रा ऋण की धनराशि को दूसरों खातों में स्थानांतरित किया था।
जैदपुर थाना क्षेत्र के बरौली मलिक स्थित बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर अमन वर्मा, असिस्टेंट मैनेजर शैलेंद्र प्रताप और इनका शातिर साथी लखनऊ निवासी सुरेश मधु रावत के गिरोह ने कई भोले भाले लोगों के नाम से करोड़ों का कर्ज निकाल कर हजम कर लिया है। इस घोटाले का खुलासा अमर उजाला ने 17 सितंबर के अंक में किया था। बीते रविवार को पुलिस तीनों को जेल भेज चुकी है।
उधर रविवार शाम हैदरगढ़ में एक और सोमवार शाम सतरिख थाने में तीन और मुकदमें दर्ज किए गए। अब जेल भेजे गए तीनों पर अब तक आठ मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इस मामले में रोज नए पीड़ित सामने भी आ रहे हैं। बैंक से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार इस मामले रिजर्व बैंक ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर ली है। कहां-कहां पर चूक हुई इसकी जांच की जा रही है।
रिजर्व बैंक के आदेश के बाद मंगलवार को बैंक आफ इंडिया के अफसर और एलडीएम मामले की रिपोर्ट बनाने में व्यस्त रहे। बताया जाता है कि यह भी जांच हो रही है कि इतना सब होने के बाद भी जिम्मेदार अफसर कुछ जान क्यों नहीं पाए। वहीं, एलडीएम विवेक कुमार ने बताया कि अगले सप्ताह उन्होंने सभी बैंकों के जिला प्रतिनिधियों की आपात बैठक बुलाई है। रिजर्व बैंक की कार्रवाई को लेकर उन्होंने कोई जानकारी नहीं होने की बात कही।
दो फर्म, जनसेवा केंद्र, समेत छह नाम उजागर
बैंक घोटाले की परतें जैसे जैसे खुल रही है इसमें कई नाम सामने आते जा रहे हैं। सतरिख में केस दर्ज कराने वाले सराय बुधेड़ी गांव के रिशु का आरोप है कि उसके नाम से साढ़े नौ लाख का ऋण निकाल कर किसी सैयद अतहर हुसैन के खाते में ट्रांसफर किया। करखा गांव के शिवनंदन ने बताया कि उसके नाम से साढ़े नौ लाख का ऋण निकालकर हैदरगढ़ के त्रिदेव इंटरप्राइजेज के खाते में ट्रांसफर किया गया। सराय बुधेडी गांव के दूसरे पीड़ित पवन कुमार ने बताया कि उसे शिवनंदन द्वारा बताया गया कि कोई राजेश और जनसेवा केंद्र वाले रामविशाल ने उसके नाम से फर्जी ऋण करवाया है। मजे की बात यह है कि पवन ने शिवनंदन को मुख्य आरोपी बनाया हैं। पवन का कहना है कि शिवनंदन के कहने पर ही वह बैंक गया था। उसके नाम का पैसा राम जानकी इंटरप्राइजेज नामक फर्म पर ट्रांसफर किया गया है।
यूरोप भागने की तैयारी में था सुरेंद्र
मामले की जांच में जुटी पुलिस को पता चला कि बैंक घोटाले का मास्टरमाइंड लखनऊ सुरेश मधु रावत वीजा और पासपोर्ट बनवाकर यूरोप भागने की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने उसके विभिन्न बैंकों के चार खाते सीज कर दिए है। वीजा पासपोर्ट कैंसिल करने के लिए जांच की जा रही है। सीओ सदर सुमित त्रिपाठी ने बताया कि सुरेंद्र हॉस्पिटल, स्कूल और पोल्ट्री फार्म भी संचालित करता है।