बाराबंकी। कोरोना से मुक्ति के लिए टीकाकरण अभियान का पूर्वाभ्यास मंगलवार को सफल रहा। कोरोना वैक्सीन को लेकर जिले के छह अस्पतालों में ड्राई रन का आयोजन किया गया था। इसकी हकीकत जाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह सुबह करीब सवा दस बजे सबसे पहले सफेदाबाद स्थित हिंद अस्पताल पहुंचे और यहां पर वैक्सीनेशन की प्रक्रिया की पूरी जानकारी ली। कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण को लेकर बेहतर तैयारियां की हैं, बस अब वैक्सीन के आने का इंतजार है। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों तथा इसके बाद फ्रंट लाइन वर्कर को टीके लगाए जाने हैं।
वैक्सीनेशन का हाल जानने हिंद अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सीधे कोरोना वैक्सीन कक्ष पहुंचे। यहां पर मौजूद स्टाफ नर्स सत्यप्रभा ने कोरोना वैक्सीन का रिहर्सल करके दिखाया। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मी राहुल को कोरोना की पहली वैक्सीन लगाने का मॉकड्रिल किया गया। इसके बाद उसे करीब आधा घंटे के लिए चिकित्सकों की निगरानी में उसे ऑब्जर्वेशन कक्ष में रखा गया। मंत्री ने यहां पर मौजूद चिकित्सकों से पूछा कि यदि वैक्सीन लगाने के बाद हालत बिगड़ती है तो स्थिति को कैसे संभालोगे।
मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने बताया कि उन्हें किस तरह से प्राथमिक उपचार कर स्थिति को संभालना है। यहां पर वैक्सीनेशन के लिए दो कक्ष बनाए गए थे। अस्पताल की चेयरपर्सन डॉ. ऋचा मिश्रा ने बताया कि एक कक्ष में 50 लोगों के एक बार में वैक्सीन लगाए जाने की व्यवस्था की गई है। इससे मंत्री काफी हद तक संतुष्ट दिखे और फिर यहां से वह सीधे सतरिख सीएचसी के लिए निकल गए।
सतरिख सीएचसी में किया पौधरोपण
जैदपुर। सतरिख सीएचसी पर ड्राई रन का निरीक्षण करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सबसे पहले पौधरोपण किया। इसके बाद वैक्सीनेशन प्रक्रिया के पूर्वाभ्यास को लाइव देखा। वैक्सीन लगने की शुरूआत से आखिरी तक की प्रक्रिया मंत्री को दिखाई गई। करीब एक घंटे तक अस्पताल में मौजूद मंत्री ने ड्यूटी करने वाले कर्मियों से बातचीत भी की।
कर्मी ने बताया कि सबसे पहले वैक्सीन लगने वाले लाभार्थी का आधार कार्ड चेक किया जाएगा। उसके बाद उसका नाम सूची में चेक किया जाएगा। फिर कर्मी उसको वैक्सीन रूम तक लेकर गया। जहां पर एएनएम द्वारा वैक्सीन लगाई गई। वैक्सीन लगने के बाद आधा घंटा तक मरीज को ऑब्जर्वेशन कक्ष में रखा गया। कोई दिक्कत न आने पर मरीज को घर भेज दिया गया।
सीधे वैक्सीनेशन कक्ष में पहुंचे
देवा। दोपहर करीब 12.25 बजे देवा सीएचसी पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सीधे वैक्सीनेशन कक्ष में पहुंचे। यहां पर मौजूद फार्मासिस्ट राजेन्द्र से बात की और इसके बाद वार्ड ब्वाय राजेन्द्र पर वैक्सीन लगाने का ड्राई रन करके दिखाया गया। इस दौरान यह भी दिखाया गया कि यदि वैक्सीनेशन के बाद स्थिति बिगड़ती है तो मरीज को कैसे संभाला जा सकता है।
इस दौरान मंत्री ने अस्पताल का निरीक्षण भी किया। इसके बाद जिला महिला अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमएस डॉ. संगीता श्रीवास्तव से कोरोना वैक्सीन लगाए जाने के संबंध में जानकारी ली। वैक्सीन रूम पहुंचकर वहां पर की गई तैयारियों को देखा तथा मौके पर मौजूद स्टाफ से बातचीत भी की।
वैक्सीन के लिए बने कक्षों का किया निरीक्षण
मसौली। जिला अस्पताल में ड्राई रन की हकीकत देखने के बाद स्वास्थ्य मंत्री का काफिला सीधे बड़ागांव सीएचसी पहुंच गया। यहां पर भी मंत्री ने पौधरोपण किया और इसके बाद वैक्सीन के लिए बनाए गए कक्षों का निरीक्षण कर सीधे जहां पर कोरोना वैक्सीन लगाई जानी है उस कक्ष में पहुंचे।
यहां पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मी पंकज पर कोरोना वैक्सीन लगाए जाने का रिहर्सल करके दिखाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने वैक्सीनेशन कक्ष और ऑब्जर्वेशन कक्ष में पहुंच यहां पर की गई तैयारियों को देखा। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. केएनएम त्रिपाठी, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. एएस गौतम, डॉ. उपांत राव, केके गुप्ता, डॉ. विनोद कुमार दोहरे, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. सुनील जायसवाल मौजूद रहे।
ड्राई रन की समीक्षा, अन्य अस्पतालों में पूरी करें तैयारियां
बाराबंकी। कोरोना वैक्सीन को लेकर आयोजित ड्राई रन की समीक्षा मंगलवार की शाम एडीएम ने लोकसभागार में की। एडीएम ने कहा कि वैसे तो ड्राई रन काफी सफल रहा है लेकिन फिर भी जो कमियां रह गई हैं उन्हें दूर करते हुए अन्य सीएचसी पर भी वैक्सीन लगाए जाने की तैयारियों को समय से पहले पूरा कर लिया जाए।
जिससे वैक्सीनेशन का कार्य जब शुरू हो तो किसी प्रकार की दिक्कत सामने न आए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने ड्राई रन को देखा और उन्होंने तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। इस बाबत सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश जारी कर समय से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।