बाराबंकी। प्रबंधन की उपेक्षापूर्ण नीति से आक्रोशित चालक-परिचालकों ने बृहस्पतिवार को विरोध प्रदर्शन कर धरना दिया। संविदा चालक-परिचालक कर्मचारी संघर्ष यूनियन के बैनर तले देवा रोड स्थित बस स्टेशन पर जुटे कर्मचारियों ने धरने की समाप्ति से पूर्व अपनी चार सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन भी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को सौंपा।
इसमें बाराबंकी डिपो प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रमुख तौर पर निगम की गाड़ियों को डीजल पंप व और वर्कशॉप से जोड़ने सहित चार सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई। यूनियन अध्यक्ष तनवीर सिद्दीकी व महामंत्री वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि पूर्व में आश्वासन मिलने के बावजूद निगम की गाड़ियों को डीजल पंप और वर्कशॉप से नहीं जोड़ा गया है, जिससे संचालन प्रभावित हो रहा है।
यूनियन ने परिचालकों को प्रतिदिन की आय की जमा प्रक्रिया को लेकर भी कर्मचारियों ने नाराजगी जताई। कहा कि माह की अंतिम तिथि तक पैसा जमा नहीं हो पाने से परिचालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके लिए या तो प्रतिदिन की जमा सुनिश्चित की जाए या संचालन दिवस में छूट दी जाए। ज्ञापन में मांग की गई है कि मुख्यालय के आदेश के अनुसार हर बस में आरक्षित सीटों की स्पष्ट सूची प्रदर्शित की जाए और निशुल्क यात्रा करने वालों को लोड फैक्टर में जोड़ा जाए।
कर्मचारी यूनियन ने महाकुंभ ड्यूटी के दौरान बाराबंकी डिपो कर्मचारियों के भत्ते का अभी तक भुगतान न होने पर भी नाराजगी जताई। बताया कि 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से तय भत्ता राशि लखनऊ सहित अन्य डिपो में संविदा कर्मियों को मिल चुकी है। यूनियन ने तत्काल बकाया मानदेय राशि के भुगतान की मांग भी की।