बाराबंकी। जिले के सभी 23 अस्पतालों में जनऔषधि केंद्र खोल दिए गए हैं। अस्पताल में तैनात डॉक्टर अब बाहर की दवाएं नहीं लिख सकेंगे। डिप्टी सीएम के आदेश के बाद सीएमओ ने इसका कड़ाई से पालन कराने के निर्देश सभी अधीक्षकों को दिए हैं। साथ ही ऐसे डॉक्टरों को चिह्नित करने के लिए कहा गया है जो बाहर से दवाएं लिखते हैं जिससे इन पर शिकंजा कसा जा सकेगा।
जिला महिला अस्पताल में जनऔषधि केंद्र पहले से ही संचालित है। इसके अलावा जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी देवा, घुंघटेर, फतेहपुर, सूरतगंज, रामनगर, सिरौलीगौसपुर, टिकैतनगर, दरियाबाद, रामसनेहीघाट, जैदपुर, हैदरगढ़, त्रिवेदीगंज, जाटाबरौली समेत सभी 21 अस्पतालों में जनऔषधि केंद्र खोल दिए गए हैं।
सीएमओ डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि सभी अस्पतालों जनऔषधि केंद्र खोले जाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। कई जगहों पर संचालन शुरू हो गया जहां पर संचालन नहीं हो सका है वहां पर भी जल्द संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
साथ ही यह निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं कि यदि कोई दवा अस्पताल के औषधि काउंटर नहीं है तो वह बाहर से न लिखी जाए बल्कि जनऔषधि केंद्र से मरीज को दिलाई जाए। इससे बाहर से दवाएं लिखने पर रोक लगेगी। इसकी निगरानी के लिए सभी अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं जिससे कि ऐसे डॉक्टरों पर कार्रवाई की जा सके।