बाराबंकी। जिला अस्पताल में तैनात पांच डॉक्टरों को वीआईपी ड्यूटी के लिए अयोध्या भेज दिया गया है, जिसके कारण उनके कक्ष (ओपीडी) बंद मिले। इलाज के लिए आए मरीज दिन भर इन डॉक्टरों की तलाश में भटकते रहे। जब उन्हें यह जानकारी मिली कि ये डॉक्टर दो दिन तक उपलब्ध नहीं होंगे, तो वे निराश होकर लौट गए।
अयोध्या में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को देखते हुए जिला अस्पताल के तीन फिजीशियन और दो सर्जन सहित पांच डॉक्टरों की ड्यूटी वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में लगा दी गई है। सोमवार को रामपाल, हैदर, गुलाम अली, सोमनाथ और कई अन्य मरीज जैसे-तैसे परचा बनवाकर इलाज के लिए संबंधित कक्षों तक पहुंचे, तो सभी कक्ष बंद थे। मरीजों ने बताया कि उन्होंने काफी देर तक इंतजार किया और इधर-उधर तलाश भी की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इस वजह से कई मरीज बिना इलाज के ही लौट गए, जबकि कई को निजी डॉक्टरों के पास जाकर उपचार कराना पड़ा।
सीएमएस (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक) डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि जिला अस्पताल के पांच चिकित्सक वीआईपी ड्यूटी में अयोध्या गए हैं। ये डॉक्टर अब बुधवार को ही मिलेंगे।
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त्वचारोग कक्ष के बाहर रही भीड़
मौसम में आए बदलाव से जिला अस्पताल में त्वचा रोग के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। जिला अस्पताल में तैनात त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी यादव ने बताया कि मौसम बदलने की वजह से इन दिनों फंगल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे ऐसे मौसम में अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें। जरा सी भी दिक्कत होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें, ताकि संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके।