पीएचसी त्रिलोकपुर में स्वास्थ्य मेले में मरीजों का इलाज करते फार्मासिस्ट शिवा।
बाराबंकी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगने वाले मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले में लापरवाही बरती जा रही है। सप्ताह में एक बार लगने वाले इस मेले से डॉक्टरों का गायब रहना आम हो चला है। इससे मरीजों को दिक्कताें का सामना करना पड़ता है।
जिले के 59 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रत्येक रविवार को मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेला लगता है। यहां पर डॉक्टर और फार्मासिस्ट का मौजूद रहना जरूरी है। पीएचसी तिलोकपुर में 10.41 बजे तक डॉक्टर के न पहुंचने पर फार्मासिस्ट ने मरीजों का इलाज किया जा रहा था। कुर्सी पीएचसी पर भी इलाज के लिए रामप्रसाद, नौमीलाल बाहर बैठे डॉक्टर और फार्मासिस्ट के आने का इंतजार करते मिले। निंदूरा पीएचसी गंगोली में 1.44 बजे न तो डॉक्टर थे और न ही कोई फार्मासिस्ट। यहां पर भी मरीज अस्पताल के बाहर इंतजार कर रहे थे। असंद्रा की पीएचसी मोतिकपुर में 2.04 बजे तक डॉक्टर नहीं आए थे यहां पर भी फार्मासिस्ट मरीजों का इलाज कर रहा था। एसीएमओ प्रशासन डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि जिन अस्पतालों में डॉक्टर नहीं पहुंचे इसकी जांच कराकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तेज बुखार पीड़ित 28 मरीज किए गए रेफर
बाराबंकी। सीएमओ डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि जिले के 59 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले में रविवार को 3172 मरीज देखे गए। इनमें तेज बुखार से पीड़ित 28 मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। टीबी के लक्षण वाले 20 मरीजों को जांच के लिए भेजा गया। 48 लोगों की हेपेटाइटिस बी, पांच लोगों की हेपेटाइटिस सी, 92 लोगों की मलेरिया, 21 लोगों की डेंगू की जांच कराई गई, लेकिन कोई संक्रमित नहीं मिला। उन्होंने बताया स्वास्थ्य मेले में 91 डॉक्टर और 211 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। (संवाद)