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विसंगतियों से भरी है डॉक्टरों की तबादला सूची

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बाराबंकी। स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों के तबादलों में बरती गई लापरवाही का नमूना देखना है तो बाराबंकी जिले में साफ देखा जा सकता है। जिले से 25 डॉक्टरों के हुए तबादले में मृत डिप्टी सीएमओ का तबादला कर दिया गया। तो नेत्र सर्जन को ईएनटी सर्जन के पद तैनाती कर दी गई। इतना ही नहीं जिले में तैनात दो डॉक्टरों को सिद्धार्थनगर और अंबेडकर नगर में तैनाती दिखाकर दूसरे जिलों में तबादला करने का कारनामा भी सूची में सामने आया है।
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डिप्टी सीएम और चिकित्सा शिक्षा स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक और विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद के बीच तबादलों को लेकर बयानबाजी और उसमें बरती गई लापरवाही की चर्चा मंगलवार को विभाग के अलावा अन्य जगहों पर भी होती रही। वहीं विसंगतियों को दूर करने के लिए विभाग शासन के आदेश के इंतजार में पूरी कसरत कर ली है। शासन द्वारा जारी सूची में जिले से 25 डॉक्टरों का तबादला किया गया है। इसमें 10 डॉक्टरों को यहां तैनाती मिली है।
तबादला सूची में बरती गई लापरवाही साफ दिख रही है। मृत्यु के बाद भी एक डिप्टी सीएमओ का तबादला कर दिया गया। इसके अलावा जिला अस्पताल में तैनात नेत्र रोग सर्जन डॉ. सरोज कुमार का तबादला ईएनटी सर्जन के पद पर अयोध्या के श्रीराम अस्पताल में तैनात कर दिया गया है। लापरवाही यहीं नहीं थमी जिले में तैनात डॉक्टर राजीव दीक्षित को अंबेडकर नगर से उन्नाव भेज दिया गया।
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इसी तरह दूसरे चिकित्सक डॉ. पंकज चौधरी को सिद्धार्थनगर में तैनाती दिखाकर इनका तबादला बहराइच कर दिया गया। इन विसंगतियों की जानकारी होने पर इसमें सुधार के लिए विभाग के अधिकारियों ने माथापच्ची शुरू कर दी है। मौखिक जानकारी आलाधिकारियों को दे दी है और अब शासन का आदेश मिलते ही संशोधन भेजने की तैयारी है।
डॉक्टरों की कमी से जूझेगा जिला व महिला अस्पताल
जिला अस्पताल पहले से ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। यहां पर 26 चिकित्सकों की जगह 16 ही कार्यरत थे। इनमें से सात और चिकित्सकों का तबादला कर दिया गया है। जिन चिकित्सकों का तबादला किया गया है उनमें नेत्र सर्जन, सर्जन, बाल रोग, ईएनटी सर्जन शामिल हैं।
चिकित्सक की तैनाती न होने से हृदय रोग की ओपीडी पिछले छह माह से बंद हैं वहीं अब ईएनटी कक्ष में भी ताला लग गया है। जिला अस्पताल को महज दो ईएमओ ही मिले हैं। सीएमएस डॉ. बृजेश ने बताया कि चिकित्सकों की कमी से शासन को अवगत करा दिया गया है। जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों के 28 पद स्वीकृत हैं।
मगर मौजूदा समय में 11 ही कार्यरत है और 17 पद खाली हैं। इनमें से एक और महिला चिकित्सक का तबादला कर दिया गया। लेकिन किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई है। ईएमओ के छह पद स्वीकृत हैं लेकिन एक भी ईएमओ की तैनाती नहीं है। सीएमएस प्रदीप श्रीवास्तव बताते हैं कि शासन को पत्र भेजकर चिकित्सकों की मांग की गई है।
तबादले की जद में सीएचसी, इलाज होगा और मुश्किल
जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 19 है। इन अस्पतालों में तैनात करीब 18 चिकित्सकों का तबादला गैरजनपद कर दिया गया है। जबकि इन अस्पतालों में चिकित्सकों की पहले से ही काफी कमी है। प्रत्येक सीएचसी पर एक सर्जन, एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक फिजीशियन, एक स्त्रीरोग विशेषज्ञ तथा एक बेहोशी का डॉक्टर होना चाहिए लेकिन ऐसा किसी भी अस्पताल में नहीं है।
236 पद स्वीकृत हैं जिसके सापेक्ष महज 150 चिकित्सक ही कार्य कर रहे हैं। इसके बाद भी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों का तबादला गैर जनपद कर दिए जाने से ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गई हैं। जबकि विभाग को महज सात चिकित्सक ही मिले हैं।
चिकित्सकों के तबादले शासन स्तर से किए गए हैं। उनके तबादला सूची में जो विसंगति है उस संबंध में शासन स्तर से अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं। बाद में जो निर्देश होंगे उसी आधार पर कार्य किया जाएगा। तबादला सूची का अध्ययन किया जा रहा है। जिले में पहले से चिकित्सकों की कमी है। कई चिकित्सकों का तबादला हो जाने से दिक्कत बढ़ेगी। इससे भी शासन को पत्र भेज अवगत कराया जाएगा।
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-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ
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