बाराबंकी। कोविड-19 की वैश्विक महामारी से बचाव को लेकर पिछले साल सावन में श्रद्धालुओं के लिए बंद पौराणिक तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेव के कपाट इस सावन में खोलने की पूरी तैयारी है। इसको लेकर जिला प्रशासन व मंदिर कमेटी ने बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया है।
डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में शासन के आदेश के इंतजार के बीच तैयारियां पूरी करने के निर्देश मातहतों को दिए गए। हालांकि सावन में भोलेनाथ की नगरी महादेवा बम भोले के जयघोष से गुंजायमान होगी।
जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर रामनगर तहसील में पौराणिक लोधेश्वर महादेवा का तीर्थ स्थल है। यहां पर साल में चार बड़े मेलों के साथ सोमवार को प्रदेश ही नहीं देशभर से श्रद्धालु आते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्य नाथ पहली बार वन महोत्सव की शुरुआत करने महादेवा पहुंचे।
यहां पर विधिविधान से भूत भावन भोलेनाथ के दर्शन कर महादेवा को पर्यटन स्थल का दर्जा दिया था। उसके बाद पर्यटन स्थल के दृष्टिगत यहां कई सुविधा बढ़ा दी गई थीं। मगर, इस धार्मिक स्थल पर प्राचीन समय से ही जिले ही नहीं, इटावा, उरई, जालौन, बरेली, हमीरपुर, झांसी, कानपुर देहात, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, सुल्तानपुर, अमेठी, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, अंबेडकरनगर, हरिद्वार व मध्य प्रदेश समेत नेपाल के श्रद्धालु भोलेनाथ का जलाभिषेक करने आते हैं।
कोविड-19 के संक्रमण को लेकर पिछले साल सावन में मंदिर के कपाट बंद थे। मगर, इस बार कोरोना का संक्रमण कम होने के साथ धीरे-धीरे कर बढ़ाई जा छूट से श्रद्धालुओं में जलाभिषेक की उत्सुकता बढ़ी है। ऐसे में सावन में शिवभक्तों के उमड़ने वाले हुजूम को लेकर पहले से ही प्रशासन कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत तैयारियों में जुट गया है।
बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने सावन मेले की तैयारियों को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शासन के आदेशों का इंतजार तो है, मगर समय रहते कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत तैयारियां पूरी कर ली जाएं। ताकि आदेश मिलने पर किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।
डीएम ने विभागीय अधिकारियों को लाइट, टेंट की व्यवस्था, साफ-सफाई, बैरीकेडिंग, शौचालय, पेयजल व प्रकाश व्यवस्था, हैण्डपम्पों की मरम्मत कराने के निर्देश दिये गये। वहीं छुट्टा मवेशियों को गौआश्रय स्थल तक पहुंचाने के निर्देश पशु चिकित्साधिकारी को दिये गये। श्रद्धालुओं के आवागमन व सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस को दी गई।
सावन के सोमवार को जलाभिषेक को उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को कोई कठिनाई न हो इसके लिए बैरीकेडिंग कराने को कहा। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र महादेवा की सुविधाओं को मजबूत करने के आदेश डीएम ने दिए। इस मौके पर सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान, एएसपी उत्तरी अवधेश कुमार, एआरटीओ पंकज सिंह, एआरएम आरएस वर्मा, एसडीएम राजीव शुक्ला, सीओ दिनेश दूबे, व अपर जिला सूचना अधिकारी आरती वर्मा मौजूद रहीं।
तालाब में खिले कमल से शिवशंकर को प्रसन्न करेंगे भक्त
महादेवा। कोविड-19 के संक्रमण के बाद जुलाई जिले के लिए काफी खास है। माह के पहले हफ्ते से कमल खिलने का जो सिलसिला चला उसकी संख्या अब अनगिनत हो रही है। खिले कमल देखकर शिवभक्त काफी गदगद हैं। हालांकि आप जो समझ रहे हैं, हम उस कमल की नहीं बल्कि सावन में भूत भावन भोलेनाथ के स्वागत व अर्पण को लेकर तालाबों में खिले हुए कमल की बात कर रहे हैं। जिसके खिले पुष्प देखते ही लोग शिवभक्ति में खो जाते हैं।
भगवान शिव का खास सावन का पावन महीना इस बार 25 जुलाई से शुरू हो रहा है। सावन में जलाभिषेक में कमल का पुष्प चढ़ाने की काफी मान्यता है। ऐसे में कमल के फूल की बढ़ी मांग को लेकर यहां पर प्रसाद फूल व बेलपत्र की दुकान लगाने वाले दुकानदार अभी से ही कमल पुष्प के ऑर्डर दे रहे हैं।
हालांकि कई दुकानदारों ने लीज पर तालाब लेकर स्वयं कमल के फूल लगा रखे हैं। तालाबों में खिले कमल पुष्प देखकर पिछले साल हुए घाटे की भरपाई की उम्मीद दिख रही है। इससे लाखों का कारोबार होगा। दुकानदार बताते हैं कि जलाभिषेक करने आने वाले श्रद्धालु कमल पुष्प की ज्यादा मांग करते हैं।
क्योंकि मान्यता है कि कमल पुष्प को शिवलिंग पर अर्पित करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। महादेवा के सरोवर के अलावा कई तालाबों में खिले कमल के फूल हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। शिवभक्त शांति व धन की प्राप्ति की कामना के लिए कमल पुष्प चढ़ाकर भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं। (संवाद)