फतेहपुर (बाराबंकी)। डीएम शशांक त्रिपाठी ने बुधवार को तीन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबी) का निरीक्षण किया। इस दौरान निंदूरा के स्कूल में कंप्यूटर कक्ष में गद्दा-रजाई रखे मिले। परिसर में भी गंदगी के साथ कबाड़ फैला देख डीएम ने सख्त नाराजगी जताई। इसी तरह फतेहपुर में छात्राओं के भोजन कक्ष में रखा फर्नीचर टूटा मिला। डीएम ने मौके पर मौजूद बीएसए को उजागर खामियां प्राथमिकता के आधार पर दूर कराने का निर्देश दिया।
केजीबी निंदूरा में बने कंप्यूटर कक्ष में जब डीएम पहुंचे तो वहां कंप्यूटर की जगह गद्दा-रजाई रखे मिले। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने कहा कि इससे पता चलता है कि विद्यालय में बच्चों की कंप्यूटर की कक्षाएं नहीं चल रही हैं। डीएम ने कंप्यूटर की पढ़ाई कराने व कक्ष को व्यवस्थित करने के साथ ही परिसर की साफ सफाई कर वहां फैले कबाड़ को हटवाने का निर्देश दिया।
बन्नी सुलेमाबाद गांव के निकट स्थित केजीबी फतेहपुर में छात्राओं के भोजन कक्ष में बैठने के लिए मौजूद कुर्सियां व मेज जर्जर व बदहाल स्थिति में देखकर डीएम ने सख्त आपत्ति जताई। उन्होंने मौके पर ही बच्चों के लिए नई डायनिंग टेबल व कुर्सियां खरीदने का निर्देश दिया। साथ ही सुरक्षा के दृष्टिगत विद्यालय की बाउंड्रीवाल को भी ऊंचा कराने के लिए कहा। इस दौरान डीएम ने विद्यालय में मौजूद बालिकाओं के साथ सीधा संवाद कर उनसे पढ़ाई, भोजन की गुणवत्ता व सोने की व्यवस्था के बारे में भी जाना।
छात्राओं को पढ़ाकर समझाया देशांतर का मतलब
डीएम ने केजीबी देवा में कंप्यूटर की पढ़ाई की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कक्षा छह में बच्चों को भूगोल पढ़ाई जा रही थी, जिस पर डीएम ने छात्राओं से अक्षांस और देशांतर से जुड़े सवाल पूछे और स्वयं एक शिक्षक की तरह छात्राओं को बड़ी सुगम व सरल भाषा में उदाहरणों के माध्यम से पूरा पाठ अच्छे से पढ़ाया।