बाराबंकी। जिला जेल हाईटेक होगी। बंदियों से मुलाकात करने वाले उनके परिजनों को जेल के अंदर दाखिल कराने की बजाय बाहर से ही मुलाकात कराई जाएगी। इसके लिए मुख्य दीवार को तोड़कर उसमें मजबूत जालियां लगाई जाएंगी। मुलाकात के वक्त बंदी व परिजन के बीच करीब आधे मीटर की दूरी होगी। दोनों ओर इंटरकॉम भी लगेंगे। सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी होगी। इससे किसी भी तरह की चूक की आशंका नहीं होगी।
जिला जेल की क्षमता करीब 980 बंदियाें की है। लेकिन यहां 1200 से 1500 तक बंदी निरुद्ध रहते हैं। जेल प्रशासन बंदियों से उनके परिजनों की मुलाकात कराने के लिए बाहर ही पर्ची काटकर देता है। अपनी बारी आने के बाद बंदी के परिजन कतारबद्ध होेकर जेल के मुख्य गेट से होकर कड़ी सुरक्षा व तलाशी के बाद अंदर मैदान में पहुंचते हैं। जहां बंदी बुलाए जाते हैं। लेकिन अब जेल का स्वरूप व मुलाकात के तौर-तरीकों में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत जेल को हाईटेक बनाया जाएगा।
जेल के बाहर की दीवार तोड़कर उसके पीछे दो बड़े हाॅल बनाए जाएंगे। दीवार के बीच में मजबूत लोहे की जालियां लगेंगी। बंदी के परिजन जेल के अंदर दाखिल होने के बजाय बाहर से ही जाली के पार से मुलाकात करेंगे। उनके द्वारा बंदियों को देने के लिए अनुमन्य सामान को जमा करा लिया जाएगा। जो जांच के बाद बंदियों तक पहुंचा दिया जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक रोजाना करीब 400 लोग बंदियों से मिलने के लिए आते हैं।
तैयार हो रहा एस्टीमेट
सुरक्षा की दृष्टि से जिला जेल को हाईटेक बनाने का प्रस्ताव है। जेल के बाहरी हिस्से का स्वरूप बदलेगा। मुलाकातियों को अंदर नहीं बुलाया जाएगा, बल्कि बाहर से ही मुलाकात कराई जाएगी। इसका एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।
- कुंदन कुमार, जेल अधीक्षक