बाराबंकी। परिषदीय विद्यालयों को हाईटेक बनाने के लिए शुरू की गई टैबलेट व्यवस्था दो साल बाद भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी है। जिले के करीब 300 स्कूलों में अभी तक छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन उपस्थिति, मिड-डे मील और अन्य विवरण नियमित रूप से टैबलेट पर अपलोड नहीं हो रहे हैं। जमीनी स्तर पर कई जगहों पर तकनीकी दिक्कतें, इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या और लापरवाही के कारण यह व्यवस्था अभी पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकी है। विभाग ने इन विद्यालयों को 15 मार्च तक का अंतिम मौका दिया है।
दो साल पहले जिले के 2618 परिषदीय विद्यालयों को 4260 टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे। इन टैबलेट के जरिए छात्रों की दैनिक उपस्थिति, मिड-डे मील का ब्योरा, नामांकन, अवकाश और अन्य प्रशासनिक विवरण ऑनलाइन दर्ज किए जाने थे। विरोध के कारण शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी का मुद्दा धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बाद विभाग ने बाकी रजिस्टरों के डिजिटाइजेशन और छात्रों से जुड़ी जानकारी को नियमित रूप से टैबलेट में भरने पर जोर दिया। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अभी भी करीब 300 विद्यालय ऐसे हैं, जहां अभी भी टैबलेट पर नियमित रूप से जानकारी अपलोड नहीं की जा रही है। इससे विभाग की ऑनलाइन मॉनिटरिंग व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
बीएसए नवीन पाठक ने बताया कि जिन विद्यालयों में टैबलेट पर नियमित रूप से जानकारी नहीं भरी जा रही है, उन्हें 15 मार्च तक व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित तिथि के बाद पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी।