बाराबंकी। मजदूर की मौत के बाद अनाथ हुई बेटी को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम हाउस का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया। ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर की मौत कोयला झोंकने के दौरान हालत बिगड़ने के बाद हुई थी। मामले को तूल पकड़ता देख भट्ठा मालिक व पुलिस ने दो लाख रुपये की सहायता राशि देने का आश्वासन देकर धरना प्रदर्शन खत्म करवाया।
जैदपुर थाना क्षेत्र के फतुल्लापुर गांव निवासी आलोक कुमार (27) के परिवार में उसकी बेटी सरस्वती के अलावा कोई नहीं है। रविवार को जुग्गौर स्थित ईट भट्ठे में कोयला झोंकने के दौरान आलोक की तबियत खराब हुई थी। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था। सोमवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा था।
इस दौरान भाकियू नेता रामबरन वर्मा समेत कई ग्रामीण मृतक की बेटी को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। ग्रामीणों के साथ जुटे भाकियू कार्यकर्ता मुख्य तौर पर अनाथ हुई बेटी को आर्थिक मदद मुहैया कराने की मांग कर रहे थे। सुबह से शुरु हुआ धरना प्रदर्शन दोपहर बाद तक चलता रहा। इस दौरान पहुंचे सतरिख के एसओ अमर कुमार चौरसिया ने मौके पर भट्ठा संचालक को भी बुला लिया। बातचीत के बाद भट्ठा मालिक शशिभूषण ने मृतक की पुत्री को मदद के बतौर दो लाख रुपये देने का आश्वासन दिया। यह राशि किशोरी का खाता खुलवाने के बाद उसमें भेजी जाएगी। इसके बाद ही धरना प्रदर्शन खत्म हुआ।