दशहरा मंदिर में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के लिए बुधवार को शोभायात्रा निकाली गई। इसमेें भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। हाथी, घोड़ा, बग्घी व बैंडबाजे के साथ शंकर पार्वती, मां काली, राधा-कृष्ण की झांकियाें से सुसज्जित शोभायात्रा में जयकारे गूंजते रहे।
फूलों की होली खेलते, नाचते गाते, जयकारे लगाते भक्त नागेश्वरनाथ तालाब पहुंचे। यहां पर कलश पूजन व कलश में जल भरने के बाद शोभायात्रा दशहरा मंदिर पहुंची। बुधवार सुबह दशहरा मंदिर में वदिक मंत्रों के बीच वेदी, पंचांग पूजन हुआ। इसके बाद शोभायात्रा धनोखर चौराहा, छाया चौराहा, पीरबटावन होते हुए निकाली गई।
भक्ति की ऐसी धूम रही कि लोग अपने को रोक नहीं सके और झूम उठे। रामजी की निकली सवारी राम जी की लीला है न्यारी... आदि भजनों पर लोग झूमते आगे बढ़ते रहे। शोभायात्रा में भगवान शंकर, कालीजी व राधा-कृष्ण अद्भुत झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
देवीपाटन के महंत मिथलेश दासजी योगी, वासुदेव घाट अयोध्या से रामसेवक दास, मनीरामदास छावनी अयोध्या से आए महंत कमल नयन दास शास्त्री के मंत्रों व शंखध्वनि से वातावरण गुंजायमान हो उठा।