कोटवाधाम (बाराबंकी)। सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के बरौलिया स्थित देववृक्ष पारिजात के पुष्पों की मुंहमांगी कीमत श्रद्धालु चुका रहे हैं। माना जाता है कि भगवान शिव को यह पुष्प बहुत प्रिय है। इस लिए सावन में इन पुष्पों को भगवान शिव को अर्पित करने के लिए श्रद्धालु ललायित रहते हैं। भगवान शिव को चढ़ाएं पारिजात के पुष्प को घर में रखने से धन-धान्य की वृद्धि होने की भी मान्यता है।
वर्तमान में वृक्ष में पुष्प हैं। लेकिन जब पुष्प वृक्ष में नहीं होते हैं तो पारिजात धाम के कार्यकर्ता पुष्प चुनकर सुरक्षित रखते हैं और श्रद्धालुओं के मांगने पर उनकी मुंहमांगी कीमत वसूलते हैं। इस समय भी श्रद्धालु पारिजात एक पुष्प के लिए पांच सौ से एक हजार रुपये तक चुका रहे हैं। शनिवार को लखनऊ से दर्शन को आए हिमांशु व मेरठ के वीर प्रताप के अलावा ऊंचाहार रायबरेली की गीता देवी ने पुष्प की एक-एक पंखुड़ी के बदले एक-एक हजार रुपये दिए। वहीं स्थानीय निवासी राजेश ने एक फूल लिया तो उन्हें पांच सौ रुपये देना पड़े। जबकि पारिजात परिसर की देखरेख वन विभाग के साथ तहसील प्रशासन करता है। इसलिए पुष्पों पर भी प्रशासन का अधिकार होना चाहिए।